• Home
  • News
  • 12th Convocation of Garhwal University: 177 students including 79 gold medalists received their degrees.

गढ़वाल विवि का 12वां दीक्षांत समारोह: 79 स्वर्ण पदक विजेताओं समेत 177 दीक्षार्थियों को मिली उपाधि

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 24, 2026 02:03 PM
12th Convocation of Garhwal University: 177 students including 79 gold medalists received their degrees.

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को धूमधाम से आयोजित हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। शिक्षा सत्र 2022-24 एवं 2023-25 के कुल 6806 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए 649 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 472 स्नातकोत्तर (पीजी) और 177 पीएचडी छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इस अवसर पर 79 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक के लिए कुल 105 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। दोनों सत्रों में कुल 319 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधियां प्रदान की गईं।

समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में गढ़वाल विवि उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण NAAC ग्रेडिंग है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड सरकार विवि के विकास के लिए हर संभव सहयोग देगी। मंत्री ने बताया कि अप्रैल माह में केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्री के साथ NIT और गढ़वाल विवि में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अतीत की प्रज्ञा का अन्वेषण करना चाहिए, वर्तमान के आधुनिक एवं पारंपरिक ज्ञान के आधार पर नवाचार एवं विकास के लिए प्रयासरत रहना चाहिए तथा स्वयं को भविष्य के नए आयामों के लिए तैयार करना चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विवि की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत है। डिग्री कोई कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि विद्यार्थी की ताकत होती है। समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेश पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने दीक्षार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल निजी हितों तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें। इस बार दीक्षांत समारोह की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार गाउन की परंपरा को अलविदा कहकर विद्यार्थियों को पहाड़ी पारंपरिक वेशभूषा में डिग्रियां प्रदान की गईं। छात्र-छात्राएं आकर्षक पहाड़ी पोशाक, टोपी और रंग-बिरंगे पटके पहने हुए मंच पर आए, जिससे समारोह में गढ़वाली संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।विशेष रूप से संस्कृत विषय में सत्र 2022-24 की छात्रा ज्योति और सत्र 2023-25 के छात्र मनीष शिवांशु को पांच-पांच स्वर्ण पदक मिले। समारोह के दौरान गढ़वाल विवि की ग्रामीण एवं अभियंत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका ‘माउंटेन रिसर्च’ का विशेषांक भी जारी किया गया।


संबंधित आलेख: