समुद्री लुटेरों के कब्जे वाले विदेशी जहाजों पर 22 भारतीय नाविक सुरक्षित! विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि, रिहाई के प्रयास जारी
नई दिल्ली। यमन और सोमालिया तट के पास समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए दो वाणिज्यिक पोतों को लेकर भारत सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि दोनों जहाजों पर सवार कुल 22 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत सरकार उनकी सुरक्षित रिहाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
यमन और सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में लिए गए दो वाणिज्यिक जहाजों में सवार 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों जहाज विदेशी झंडे वाले हैं और इनमें सवार सभी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो जहाजों को अपने कब्जे में लिया है। इनमें एक जहाज पर 16 और दूसरे पर छह भारतीय नाविक सवार हैं। मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार सभी 22 भारतीय सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पहली घटना 20 अगस्त को अदन की खाड़ी में यमन के तट के पास सामने आई। इरिट्रिया के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर एमटी सिबू-1 को कथित तौर पर हथियारबंद लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। इस जहाज पर 16 भारतीय नाविक सवार थे। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) सेंटर के अनुसार, जहाज ने मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल भेजा था। उस समय वह अदन की खाड़ी में पश्चिम की ओर जा रहा था और उसके पास एक अनधिकृत जहाज पहुंच रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, छह हथियारबंद लोगों ने टैंकर पर कब्जा कर लिया और बाद में उसे सोमालिया की दिशा में मोड़ दिया। यूकेएमटीओ को यह घटना यमन के अल मुकल्ला से करीब 136 नॉटिकल मील पूर्व में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। दूसरी घटना 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई। कैमरून के झंडे वाले पोत एमवी लुतुफ को कथित तौर पर समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया। इस जहाज के चालक दल में कुल 10 सदस्य थे, जिनमें छह भारतीय शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, करीब आठ हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने जहाज को पुंटलैंड के डंगोरोयो जिले में गारमाल के पास तट की ओर ले गए। आशंका जताई जा रही है कि ये लुटेरे उसी समूह से जुड़े हो सकते हैं, जिस पर अप्रैल में एमवी स्वार्ड के अपहरण में शामिल होने का आरोप लगा था। बताया गया है कि पोलर मूवमेंट शिपिंग से जुड़े इस पोत पर मोगादिशू में तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियारों के साथ संचार और सैटेलाइट उपकरण ले जाए जा रहे थे। हालांकि जहाज और उसके चालक दल की मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। दोनों घटनाओं ने यमन और सोमालिया के आसपास समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले में भारत संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि दोनों जहाजों पर सवार सभी 22 भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। अब निगाहें उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने और जहाजों को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराने की कोशिशों पर टिकी हैं।