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बिहार कैबिनेट के 22 बड़े फैसले: एम्स पटना का होगा विस्तार, चार शहरों तक दौड़ेगा रीजनल रैपिड ट्रांजिट, तीन जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 08, 2026 12:07 PM
22 major decisions by the Bihar Cabinet: AIIMS Patna to be expanded, Regional Rapid Transit to run to four cities, and Kendriya Vidyalayas to open in three districts.

पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और मत्स्य पालन से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में जहां एम्स पटना के विस्तार और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया, वहीं तीन जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने और मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए नई सरकारी कंपनी बनाने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा।

कैबिनेट बैठक के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना शामिल है। इन विद्यालयों के लिए राज्य सरकार संबंधित जिलों में पांच-पांच एकड़ भूमि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र एक रुपये के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए उपलब्ध कराएगी। आवश्यकता पड़ने पर लीज अवधि का नवीनीकरण भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा तथा केंद्र सरकार की शिक्षा योजनाओं का लाभ राज्य के अधिक बच्चों तक पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। दानापुर के मौजा-भूसौला में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के विस्तार के लिए 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना पर करीब 348.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एम्स के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और मरीजों को एक ही परिसर में अत्याधुनिक इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे बिहार के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मत्स्य पालन और जलीय कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत 'बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' के गठन को मंजूरी दी गई है। यह निगम राज्य में मत्स्य पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास, संचालन और प्रबंधन का कार्य करेगा। सरकार का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कैबिनेट ने बड़ी पहल की है। राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित करने के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को नामित किया गया है। प्रस्तावित कॉरिडोर पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया तक होंगे। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले पिछले सप्ताह घोषित विकास योजनाओं की कड़ी माने जा रहे हैं। इससे पहले सरकार राज्य राजमार्गों और प्रमुख पुलों पर टोल टैक्स लागू करने, पांच नए केंद्रीय विद्यालय खोलने, 31 बस स्टैंडों के पीपीपी मॉडल पर आधुनिकीकरण, पटना नगर निगम द्वारा 200 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करने तथा विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने जैसे कई अहम निर्णय ले चुकी है। लगातार दो बैठकों में विकास से जुड़े बड़े फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले विकास परियोजनाओं को गति देकर सरकार जनता के बीच अपनी विकासोन्मुखी छवि को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।


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