• Home
  • News
  • 26/11 Terror Attacks: External Affairs Minister S Jaishankar's big statement, 'The main conspirator and his planners are still safe'

26/11 आतंकी हमलों विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान, ' मुख्य साजिशकर्ता और उसकी योजना बनाने वाले अब भी सुरक्षित '  

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • October 28, 2022 09:10 AM
26/11 Terror Attacks: External Affairs Minister S Jaishankar's big statement, 'The main conspirator and his planners are still safe'

26/11: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद से निपटने पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक में कहा कि 26/11 आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और उसकी योजना बनाने वाले अब भी सुरक्षित हैं और उन्हें सजा नहीं दी गई है. उन्होंने कहा, ‘जब कुछ आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात आती है तो कुछ मामलों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद राजनीतिक कारणों से, खेदजनक रूप से कार्रवाई करने में असमर्थ रही है.’ 

इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक के लिए होटल ताजमहल पैलेस पहुंचे. इस दौरान उन्होंने होटल में 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की.

मुंबई के ताज होटल में हो रही है बैठक
बता दें नवंबर में 2008 के मुंबई हमलों की 14वीं बरसी से पहले,  भारत शुक्रवार से शुरू होने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी बैठक की मेजबानी कर रहा है. काउंटर-टेररिज्म कमेटी (सीटीसी) नई दिल्ली की अध्यक्षता में यूएनएससी की प्रमुख बैठक उन मुख्य स्थलों में से एक (मुंबई में ताज होटल) पर हो रही है, जहां नृशंस आतंकी हमले हुए थे.

'पैसा आतंकवाद की जीवनदायिनी'
आतंकवाद निरोधी समिति की अनौपचारिक ब्रीफिंग से पहले बोलते हुए, जयशंकर ने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि पैसा आतंकवाद की जीवनदायिनी है. आतंकवादी संगठनों को अपने संगठनात्मक कार्यों को बनाए रखने और गतिविधियों को चलाने के लिए धन और संसाधनों की आवश्यकता होती है. वास्तविकता यह है कि आतंकवाद का अस्तित्व बना हुआ है और इसका विस्तार एक अंतर्निहित सच्चाई की ओर इशारा करता है: कि आतंकवाद को फलने-फूलने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन मिल रहे हैं.‘

बता दें 26 नवंबर, 2008 को, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) द्वारा प्रशिक्षित 10 आतंकवादियों ने मुंबई में कई लक्ष्यों के खिलाफ समन्वित हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया, जिसमें 166 लोग मारे गए थे.


संबंधित आलेख: