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उत्तराखंड में 4 हजार डिप्लोमा इंजीनियर हड़ताल पर, वेतन विसंगति समेत 27 मांगों को लेकर खोला मोर्चा

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 24, 2026 02:03 PM
4,000 diploma engineers in Uttarakhand go on strike, raising 27 demands including salary discrepancies.

देहरादून। उत्तराखंड में करीब 4 हजार डिप्लोमा इंजीनियर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले इंजीनियरों ने वेतन विसंगति समेत 27 सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शासन स्तर पर वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन अब दूसरे दिन भी जारी है। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग मुख्यालय परिसर में हड़ताल की अध्यक्षता इंजीनियर मुकेश रतूड़ी ने की, जबकि संचालन सुमित जगूड़ी द्वारा किया गया। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने साफ चेतावनी दी कि जब तक शासनादेश जारी नहीं होता, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। महासचिव वीरेंद्र गुसाईं ने बताया कि 2013 के बाद नियुक्त अभियंताओं को 10 साल की सेवा के बाद भी 5400 ग्रेड पे का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे भारी असंतोष है। इंजीनियरों का कहना है कि वर्तमान में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी अभियांत्रिक विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आवश्यक सेवाएं भी बाधित की जा सकती हैं।

प्रमुख मांगें
महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं:
वेतन विसंगति का तुरंत समाधान
समयबद्ध पदोन्नति
एसीपी/एमएसीपी का लाभ
पुरानी पेंशन योजना की बहाली
विभागों का पुनर्गठन
पदोन्नति के अधिक अवसर
फील्ड स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति
तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता

हड़ताल के कारण लोक निर्माण विभाग समेत अन्य अभियांत्रिक विभागों में कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कई निर्माण कार्य और विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इंजीनियरों का आरोप है कि सरकार वर्षों से लंबित समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज तथा व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदेश के विकास कार्यों पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए अब सभी की निगाहें सरकार और महासंघ के बीच अगली वार्ता पर टिकी हुई हैं। यदि वार्ता फिर विफल रही तो हड़ताल लंबी खिंच सकती है, जिससे सड़क निर्माण, सिंचाई, विद्युत और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। डिप्लोमा इंजीनियरों की यह हड़ताल उत्तराखंड सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सरकार अब इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए रणनीति बना रही है।
 


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