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उत्तरायणी कौथिक मंच से बड़ा संदेश! सीएम धामी को बताया धर्म रक्षक, गीता धामी बोलीं- महिलाओं के सशक्तिकरण से बदली उत्तराखण्ड की तस्वीर

  • Awaaz Desk
  • February 09, 2026
A big message from the Uttarayan Kauthik Manch! Calling CM Dhami a protector of religion, Geeta Dhami said, "Women's empowerment has transformed Uttarakhand's landscape."

देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में सम्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी भावुक हो गईं। उनकी आंखों में छलकते भावों ने पूरे पंडाल को गंभीर और भावनात्मक बना दिया। गीता धामी ने अपने संबोधन में देश की कई वीरांगनाओं और माताओं के त्याग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे मां और परिवार का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की माता विशना देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उन्होंने परिवार को संभालने की जिम्मेदारी न निभाई होती तो आज पुष्कर सिंह धामी इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार वर्षों में परिवार के लिए एक दिन भी नहीं निकाला। वह लगातार प्रदेश की सेवा में जुटे रहे। गीता धामी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने कठिन फैसले लेने से कभी परहेज नहीं किया। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नकल विरोधी कानून बनाया गया और 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं। इसके बावजूद उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। गीता धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और लिवइन रिलेशनशिप को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने धर्म के खिलाफ जाकर यूसीसी लागू किया और लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता दी। जबकि सच्चाई यह है कि लिव-इन रिलेशनशिप को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही मान्यता दे चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोई नई व्यवस्था नहीं दी, बल्कि पहले से मौजूद व्यवस्था के लिए केवल नियम तय किए। कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आज प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में धर्म रक्षक के रूप में जाना जाता है। उनकी नीतियों और योजनाओं से प्रदेश की महिलाएं और बहनें सशक्त हो रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से लेकर सामाजिक योजनाओं तक महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद कुछ लोग लगातार भ्रम फैलाने और झूठे आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को भली भांति समझती है।


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