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अजीबोगरीब बिलिंग का मामलाः बंद पड़ी चक्की के कनेक्शन पर आया 78 करोड़ से ज्यादा का बिल! डेटा एंट्री या तकनीकी गड़बड़ी की आशंका

editor
  • Awaaz Desk
  • April 04, 2026 09:04 AM
A bizarre billing incident: A defunct mill received a bill of over 78 crore rupees! A data entry or technical error is suspected.

नई दिल्ली। हरियाणा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां नारनौल इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान के घर का 78 करोड़ 92 लाख रुपये का बिल भेज दिया। बिल का मैसेज उसके मोबाइल पर आया। जिसको देखने के बाद उसके होश उड़ गए। वहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बिल सरकार ने जानबूझकर भेजा है। यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना ने बताया कि उनका गांव हसनपुर है। उन्होंने बिजली का एक एनडीएस दस किलोवाट का कनेक्शन लिया हुआ है। यह कनेक्शन उनकी मां बिमला देवी के नाम से है। इस कनेक्शन से एक छोटी आटा पिसाई की चक्की चलती थी, जो अब दो साल से बंद पड़ी है।  कांग्रेस नेता ने बताया कि बीते दिनों उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इस मैसेज को देखकर वे हैरान रह गए। उनके पास निगम का जो मैसेज आया, उसमें उनके मां के नाम से लिए गए इस कनेक्शन का छह माह का बिल 78 करोड़ 92 लाख रुपये दिखा दिया। उन्होंने बताया कि यह बिल गांव हसनपुर निवासी बिमला के नाम जारी किया गया है। विभाग की ओर से जारी बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग मात्र 6 दिनों (15 मार्च से 21 मार्च 2026) की बताई गई है। बिल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल देय राशि ₹78,92,75,697 है। इसमें एनर्जी चार्जेस ₹71,69,95,908 और म्युनिसिपल टैक्स ₹1,52,79,316 दर्शाया गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि बिल में बिल्ड यूनिट्स 9,99,99,429 दर्ज हैं, जो किसी भी उपभोक्ता के लिए असंभव संख्या मानी जा रही है। परिवार के अनुसार इससे पहले उनका बिजली बिल सामान्य आता रहा है। मार्च माह में उन्होंने लगभग ₹63,546 का भुगतान किया था, लेकिन इस बार अचानक करोड़ों रुपये का बिल आने से वे पूरी तरह से परेशान हो गए। बिल पर 8 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि दर्ज है। नियत समय पर भुगतान नहीं करने पर सरचार्ज लगने से यह राशि 80 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी या डाटा एंट्री में हुई मानवीय गलती का परिणाम माना जा रहा है।


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