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उत्तराखंड चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब: एक हफ्ते में 3.57 लाख पार, अब क्यूआर कोड से मिलेगी 'हेल्थ अपडेट'

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 28, 2026 09:04 AM
A Deluge of Devotion Sweeps Through Uttarakhand's Char Dham Yatra: Footfall Crosses 3.57 Lakh in Just One Week; 'Health Updates' Now Available via QR Code

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने शुरुआती दौर में ही नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कपाट खुलने के महज एक सप्ताह के भीतर श्रद्धालुओं का आंकड़ा 3 लाख 57 हजार को पार कर गया है। जहां एक ओर हिमालयी धामों में बाबा के जयकारों की गूंज है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने तकनीक का सहारा लेकर यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम बना दिया है।

उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने इस वर्ष शुरुआत से ही जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। यात्रा के पहले ही सप्ताह में श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 57 हजार के पार पहुंच गई है, जो इस बार आस्था के बढ़ते उत्साह का स्पष्ट संकेत है। प्रशासन और मंदिर समितियों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की संभावना है। चारधाम यात्रा के तहत यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले गए थे। 27 अप्रैल तक यमुनोत्री में 50,892 और गंगोत्री में 50,753 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस तरह दोनों धामों में कुल 1,01,645 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं केदारनाथ धाम, जिसके कपाट 22 अप्रैल को खुले, वहां अब तक 1,86,318 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। 27 अप्रैल को अकेले 29,405 श्रद्धालु यहां पहुंचे। दूसरी ओर बदरीनाथ धाम में 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 69,044 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। कुल मिलाकर चारधाम यात्रा में अब तक 3,57,007 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के प्रति उत्साह का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 24 लाख के पार पहुंच चुका है। बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हैं और कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बार यात्रा को और सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर जगह-जगह QR कोड युक्त साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इन कोड को स्कैन करते ही यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश, सावधानियां और आपातकालीन जानकारी तुरंत मिल रही है। खास बात यह है कि यह सुविधा 13 भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी मदद मिल रही है। साथ ही डॉक्टरों और अधिकारियों के संपर्क नंबर और डिजिटल मैप भी इसमें शामिल किए गए हैं। चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता के अनुसार, यह पहल उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा को सुरक्षित बनाने में बेहद कारगर साबित होगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले QR कोड स्कैन कर आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष 8,300 पशुओं का फिटनेस परीक्षण और 7,359 का डिजिटलीकरण किया गया है। पशुओं के लिए 19 स्थानों पर गर्म पानी की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें ठंड से राहत मिल सके। नियमों के उल्लंघन पर अब तक तीन एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी हैं। बेहतर व्यवस्थाओं, तकनीकी नवाचार और कड़ी निगरानी के बीच इस वर्ष की चारधाम यात्रा न केवल आस्था का केंद्र बनी हुई है, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के नए मानक भी स्थापित कर रही है।


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