'खाकी' का खौफ दिखाकर युवतियों को झांसे में लेने वाला 'नकली दारोगा' गिरफ्तार! देसी कट्टा, वॉकी-टॉकी और फर्जी आईडी कार्ड बरामद
झारखंड। जामताड़ा के मिहिजाम इलाके में पुलिस की वर्दी पहनकर आम जनता पर रौब झाड़ने और लड़कियों को झांसे में लेने वाले एक शातिर 'नकली पुलिसकर्मी' के काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ है। मिहिजाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, वॉकी-टॉकी, धारदार चाकू, फर्जी पुलिस वर्दी और जाली आई-कार्ड बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान कांगोई (मिहिजाम) निवासी अंकित सिंह के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी अंकित सिंह पिछले कुछ समय से पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहा था। वह खुद को बड़ा पुलिस अफसर बताकर कांगोई रेलवे क्रॉसिंग के पास से गुजरने वाले स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को डरा-धमका रहा था। इतना ही नहीं, वह पुलिस अफसर की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर मासूम युवतियों को भी अपने झांसे में ले रहा था। स्थानीय लोगों में उसके व्यवहार को लेकर शक गहराया, जिसके बाद जामताड़ा पुलिस अधीक्षक को इस फर्जीवाड़े की गुप्त सूचना मिली। मामला गंभीर होते ही एसपी ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम गठित कर मौके पर छापेमारी के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर जब मिहिजाम पुलिस की टीम कांगोई पहुंची, तो आरोपी युवक पुलिस की ड्रेस में लोगों पर धौंस जमा रहा था। पुलिस ने उसे तुरंत चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास मौजूद सामान देखकर पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी के पास से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस,एक वॉकी-टॉकी,एक धारदार चाकू,फर्जी पुलिस आई-कार्ड और खाकी वर्दी बरामद की गई। मामले का खुलासा करते हुए जामताड़ा के एसडीपीओ वसीम राजा ने बताया, "हमें सूचना मिली थी कि कांगोई क्षेत्र में एक युवक पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को डरा-धमका रहा है और झांसा दे रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद गठित पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी अंकित सिंह को गिरफ्तार किया। उसके पास से हथियार, वॉकी-टॉकी और फर्जी पहचान पत्र मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वह रौब दिखाने के लिए करता था। एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने फर्जी वर्दी और हथियार कहाँ से हासिल किए थे।