वैशाली में पुलिस और अपराधियों के बीच ताबड़तोड़ मुठभेड़,पैर में गोली लगने के बाद इनामी बदमाश ढेर, इलाका छावनी में तब्दील
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में शुक्रवार को पुलिस और बेखौफ अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ से पूरा इलाका दहल उठा। समस्तीपुर पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने फिल्मी अंदाज में अपराधियों का पीछा करते हुए मुठभेड़ के बाद दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक कुख्यात अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसका दूसरा साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। दोनों आरोपी लूटपाट की कई बड़ी वारदातों में वांछित थे और पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी।
जानकारी के अनुसार,समस्तीपुर पुलिस और एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि दो बड़े अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर समस्तीपुर के ताजपुर इलाके से अपराधियों का पीछा करना शुरू किया। पुलिस को पीछे लगा देख अपराधियों ने रफ्तार बढ़ा दी। कई किलोमीटर तक चले इस 'हाई-स्पीड चेज' के बाद पुलिस ने अपराधियों को वैशाली जिले के बालिगांव थाना क्षेत्र में घेर लिया। खुद को चारों तरफ से घिरा देख अपराधियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं। इस मुठभेड़ में मुजफ्फरपुर निवासी कुख्यात अपराधी अमन साहनी के पैर में गोली लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। वहीं, उसका दूसरा साथी (जो समस्तीपुर का रहने वाला बताया जा रहा है) भी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। मुठभेड़ में घायल दोनों अपराधियों को तुरंत इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां भारी पुलिस अभिरक्षा में उनका इलाज चल रहा है। इस दुस्साहसिक मुठभेड़ के बाद पूरे बालिगांव क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की विशेष टीमें आसपास के गांवों और संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके गिरोह के अन्य सदस्य आसपास तो नहीं छिपे हैं। पुलिस दोनों अपराधियों के इतिहास और उनके पास मौजूद हथियारों के स्रोत की गहनता से जांच कर रही है।