नैनीताल के जंगलों में धधकी आगः 30 घंटे से बेकाबू लपटों ने बढ़ाया खतरा! हीट वेव और सूखी हवाओं ने हालात किए गंभीर
नैनीताल। नैनीताल के जंगलों में लगी आग ने हालात बेहद चिंताजनक बना दिए हैं। गर्मी के तीखे तेवर और सूखी हवाओं के बीच गेठिया-अालूखेत इलाके के जंगलों में भड़की आग अब विकराल रूप ले चुकी है। पिछले करीब 30 घंटे से लगातार धधक रही यह आग दो अलग-अलग स्थानों से फैलकर वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाने की आशंका पैदा कर रही है। यह आग सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आसपास के गांवों और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। घने धुएं ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और दैनिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह पायलेट बाबा आश्रम के आसपास आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआत में स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम ने मिलकर आग पर काबू पा लिया था, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मौजूद सूखी घास और वनस्पति के कारण आग ने दोबारा तेजी से फैलना शुरू कर दिया। इस बार की असामान्य गर्मी और हीट वेव ने आग को और भड़काने का काम किया है। तेज धूप, कम नमी और सूखी हवाओं के कारण आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार प्रयासरत हैं। उनके साथ एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें भी पूरी मुस्तैदी से लगी हुई हैं। करीब 30 से अधिक फायर वाचर और स्थानीय ग्रामीण फायर लाइन बनाकर आग को आगे फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य लगातार जारी है। एसडीओ ममता चंद ने बताया कि फिलहाल आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षित कर लिया गया है, जिससे किसी बड़े जनहानि की आशंका नहीं है। हालांकि जंगलों में लगी आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि इस आग के पीछे मुख्य कारण अत्यधिक गर्मी और नमी की कमी है। विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और हर संभव प्रयास कर रही हैं।