बजट सत्र में बड़ा ऐलानः धामी सरकार ने पेश किया 1,11,703 करोड़ का रिकॉर्ड बजट! पिछले साल से 10 प्रतिशत ज्यादा, स्वरोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खुला खजाना
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आज से बजट सत्र शुरू हो गया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोपहर बाद प्रदेश का अबतक का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया है। इस दौरान धामी सरकार ने 111,703.21 करोड़ का बजट पेश किया। इस बार का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है।
बजट में क्या मिला?
ईजा बोई शगुन योजना 14.13 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना 25 करोड़।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना 15 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला विकास निधि 08 करोड़ का प्रावधान।
अनुसूचित जातियों को 2400 करोड़।
अनुसूचित जनजातियों 746.75 करोड़।
अल्पसंख्यक 98 करोड़।
अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
खाद्यान्न योजना के अंतर्गत 25 करोड़, पीएम आवास योजना के लिए 298.45 करोड़, पीएम आवास 56 करोड़, ईडब्ल्यूएस के लिए 25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा को 42 करोड़।
स्वास्थ्य विभाग में क्या हुआ प्रावधान ?
बागेश्वर में जिला चिकित्सालय, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी, नैनीताल में अस्पताल समेत कई योजनाओं पर काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग को 4252.50 करोड़, पूंजीगत मद में 195 करोड़ का प्रावधान किया गया।
जेंडर बजट बढ़ाया
सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधा था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।
नारी सशक्तीकरण के लिए खुला पिटारा
नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़।
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़।
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़।
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़।
राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़।
गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़।
युवा कल्याणः युवाओं को सशक्त बनाना
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़।
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़।
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़।
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़।
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़।