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नैनीताल झील के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम! स्नो ट्राउट मछली के पुनर्स्थापन से सुधरेगा पारिस्थितिकी संतुलन

editor
  • Awaaz Desk
  • April 23, 2026 11:04 AM
A major step towards the conservation of Nainital Lake! The restoration of snow trout fish will improve the ecological balance.

नैनीताल। नैनीताल झील के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने और लुप्तप्राय शीतजल मछली प्रजातियों के संरक्षण के उद्देश्य से कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित जंतु विज्ञान विभाग द्वारा एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत झील में स्नो ट्राउट (स्थानीय नाम ‘असेला’) प्रजाति के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। परियोजना के अंतर्गत स्नो ट्राउट मछलियों के फिंगरलिंग (शिशु मछलियों) को झील में छोड़ने की तैयारी की जा रही है, जिससे उनके प्राकृतिक वातावरण में विकास को बढ़ावा मिल सके। विशेष बात यह है कि इन मछलियों का प्रजनन कुमाऊं विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक विधि से किया गया है, जो इस पहल को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। इस अवसर पर  कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नैनीताल झील की स्थानीय मछली प्रजातियों का पुनर्जीवन करना है। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे विद्यार्थियों को आधुनिक बायोफ्लॉक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।  कुमाऊं कमिश्नर ने आगे कहा कि स्नो ट्राउट मछली झील के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शैवाल की अत्यधिक वृद्धि को नियंत्रित करती है, जिससे जल की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। इसके माध्यम से झील में काई की समस्या को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा।


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