कैमूर को ₹196 करोड़ की महा-सौगात: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान-रोहतास-कैमूर में बनेगा हवाई अड्डा, मुंडेश्वरी धाम बनेगा पर्यटन हब
बिहार के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद पहली बार कैमूर जनपद पहुंचे सम्राट चौधरी ने जिले के विकास के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने कैमूर वासियों को ₹196.06 करोड़ की लागत वाली कुल 60 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का बड़ा उपहार दिया है। कैमूर पहुंचते ही सीएम सम्राट चौधरी ने सबसे पहले सुप्रसिद्ध माता मुंडेश्वरी मंदिर में जाकर विशेष पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख, समृद्धि व उन्नति की मन्नत मांगी। इसके बाद उन्होंने मुंडेश्वरी धर्मशाला के पास आयोजित भव्य 'सहयोग शिविर' का निरीक्षण किया और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मंच पर उच्च माध्यमिक शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान सहित एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैमूर और आसपास की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों को विश्व पटल पर लाने का बड़ा संकल्प व्यक्त किया है। जनसभा को संबोधित करते हुए और सोशल मीडिया साइट X पर अपनी बात साझा करते हुए उन्होंने कहा कि माता मुंडेश्वरी धाम, ताराचंडी, तुतला भवानी और गुप्ता धाम को मिलाकर एक भव्य 'पर्यटन हब' के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए सरकार इस क्षेत्र में दो बड़े कदम उठाने जा रही है। रोहतास-कैमूर क्षेत्र में एक नए हवाई अड्डे (एयरपोर्ट) का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की जाएगी। मां मुंडेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इसका कार्य बरसात का मौसम खत्म होते ही तुरंत शुरू कर दिया जाएगा, ताकि बुजुर्ग व दिव्यांग श्रद्धालु भी आसानी से मां के दर्शन कर सकें। राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों का पलायन रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की एक नई शाखा खोली जाएगी, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा को एक नया मुकाम मिलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने एलान किया कि बिहार के हर जिले में एक 'मॉडल स्कूल' और प्रत्येक प्रखंड (ब्लॉक) में 'डिग्री कॉलेज' की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "अब अधिकारी और नेता के बच्चे भी इन्हीं मॉडल स्कूलों में पढ़ेंगे। जो बच्चे उच्च शिक्षा के लिए बिहार से बाहर जाते थे, वे अब अपने ही राज्य में पढ़ सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सीएम ने बताया कि राज्य के बीपीएल परिवारों की 25 लाख महिलाओं के घरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि इस सोलर से जो अतिरिक्त बिजली पैदा होगी, उसे सरकार खुद उन महिलाओं से खरीदेगी, जिससे उनके लिए आमदनी का एक नया जरिया बनेगा। इस योजना पर काम भी शुरू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर की सफलता का आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख का मौके पर ही निष्पादन कर लगभग 90% सफलता प्राप्त की गई है। उन्होंने साफ किया कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।