काशीपुर में मामूली कहासुनी ने ली जान! स्कॉर्पियो खड़ी करने के विवाद में धारदार हथियारों से हमले का आरोप! बुजुर्ग की मौत के बाद तनाव
काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर के महुआखेड़ागंज क्षेत्र में देर रात गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। इस घटना में 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। इस बीच घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि आईटीआई कोतवाली के पैगा पुलिस चौकी क्षेत्र के महुआखेड़ागंज के मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी कासम अली का गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि महुआखेड़ागंज निवासी अली और अकबर अपने करीब 15 परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट हो गई। बीच बचाव में आए कासम अली के भाई अफजल गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें पहले सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर जब उन्हें उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स ले जा रहे थे। काशीपुर से निकलते ही उनकी मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच में जुट गई है।
वहीं सोशल मीडिया पर मार-पिटाई की वीडियो भी वायरल हो रही है। मृतक का भाई दिलशाद हुसैन ने बताया कि देर रात मृतक के भाई कासम अली के घर के बाहर पड़ोस में रहने वाले अली अकबर के द्वारा अपनी स्कॉर्पियो कार पिछले काफी समय से खड़ी की जा रही थी। देर रात कासम अली के द्वारा कार खड़ी करने को लेकर विरोध किया गया तो अली और अकबर ने अपने दर्जन भर से अधिक परिजनों के साथ मिलकर कासम अली के घर पर धारदार हथियारों के साथ हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं सहित परिवार के सभी लोगों को बुरी तरह मारा पीटा गया। झगड़े में बीच बचाव करने आये 70 वर्षीय अफजल पुत्र महबूब अली निवासी महुआखेड़ा गंज मोहल्ला जामा मस्जिद गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अफजल को उनके परिजन सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें काशीपुर में मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से ऋषिकेश एम्स ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आईटीआई कोतवाली पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।