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भारतीय लोकतंत्र में नया इतिहास, पंडित नेहरू को पीछे छोड़ सबसे लंबे समय तक लगातार रहने वाले निर्वाचित पीएम बने नरेंद्र मोदी

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 10, 2026 07:06 AM
A new chapter in Indian democracy: Narendra Modi surpasses Pandit Nehru to become the longest-serving elected Prime Minister with a continuous tenure.

नई दिल्ली। भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आज यानी 10 जून 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बनकर एक ऐसा अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे तोड़ पाना भविष्य में किसी भी नेता के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। पीएम मोदी ने आज लगातार 4,399 दिनों तक देश के प्रधान सेवक के रूप में कार्य करने का गौरव प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का करीब छह दशक पुराना (4,398 दिनों का लगातार कार्यकाल) रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। भारत के प्रधानमंत्रियों के गौरवशाली इतिहास को संजोने वाले 'प्रधानमंत्री संग्रहालय' के आधिकारिक रिकॉर्ड्स में यह एक बेहद ऐतिहासिक और विस्मयकारी उपलब्धि के रूप में दर्ज हो चुका है। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की ऐतिहासिक शपथ ली थी। तब से लेकर आज तक, देश के विकास और वैश्विक पटल पर भारत की धाक जमाने का उनका यह सफर बिना रुके अनवरत जारी है। केवल केंद्र सरकार के स्तर पर ही नहीं, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और सरकार के मुखिया के रूप में भी नरेंद्र मोदी का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है। यदि उनके गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर बिताए गए समय को जोड़ दिया जाए, तो उनका संयुक्त कार्यकाल 8,931 दिनों से भी अधिक का हो चुका है। यह आंकड़ा उन्हें भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक सत्ता के शीर्ष पद पर रहने वाला निर्वाचित शासक बनाता है। वे देश के इकलौते ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने अपने करिश्माई नेतृत्व में लगातार 6 बड़े चुनाव (तीन बार गुजरात विधानसभा- 2002, 2007, 2012 और तीन बार लोकसभा चुनाव- 2014, 2019, 2024) जीतकर भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाया है।

भारतीय लोकतंत्र की इस महायात्रा में अब तक कई महान विभूतियों ने देश का नेतृत्व किया है, जिनके योगदान को देश हमेशा याद रखता है। आधुनिक भारत के प्रणेता पंडित नेहरू ने लगभग 17 साल देश का नेतृत्व किया। उनके दौर में देश ने औद्योगिक और तकनीकी युग में प्रवेश किया। देश के दूसरे और पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री, जिन्होंने दो संक्षिप्त अवधियों (1964 और 1966) के लिए कमान संभाली और ट्रेड यूनियन के गठन में बड़ी भूमिका निभाई। इन्हें 1997 में 'भारत रत्न' मिला। 'जय जवान, जय किसान' का अमर नारा देने वाले शास्त्री जी ने देश में श्वेत और हरित क्रांति को बढ़ावा दिया और 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश को ऐतिहासिक जीत दिलाई। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री जिन्होंने दो बार (1966-1977 और 1980-1984) नेतृत्व किया। उनके समय 1971 में बांग्लादेश का उदय हुआ, हालांकि 1975 में आपातकाल लगाने का फैसला भी उन्हीं का था। इनके कार्यकाल के दौरान संविधान का महत्वपूर्ण 44वां संशोधन अधिनियमित किया गया था। मात्र 170 दिनों तक पीएम रहे चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के कल्याण में लगा दिया, इसलिए उनका जन्मदिन 'किसान दिवस' के रूप में मनाया जाता है। भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री, जिन्हें देश में विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और शैक्षणिक सुधारों को लागू करने का मुख्य श्रेय जाता है। इनके कार्यकाल में ऐतिहासिक 'मंडल आयोग' की रिपोर्ट लागू हुई और एससी-एसटी अधिनियम 1989 पारित हुआ।गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाले और अपने उग्र स्वभाव के कारण 'युवा तुर्क' कहलाने वाले चन्द्र शेखर ने देश को आर्थिक चूक के संकट से उबारा था। इनके कार्यकाल को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए टर्निंग पॉइंट माना जाता है, जब देश में उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण जैसे बड़े आर्थिक सुधार लागू हुए। मिट्टी के लाल' कहे जाने वाले देवेगोड़ा ने किसानों पर ध्यान केंद्रित किया और दिल्ली मेट्रो परियोजना की नींव रखी। अपनी प्रसिद्ध विदेश नीति 'गुजराल सिद्धांत' के लिए जाने जाते हैं, जो आज भी भारतीय कूटनीति का मील का पत्थर है। तीन बार पीएम रहे अटल जी ने पोखरण परमाणु परीक्षण कर भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया और पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन विजय' (कारगिल युद्ध) का सफल नेतृत्व किया। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. सिंह के 10 साल के कार्यकाल में नरेगा (मनरेगा), सूचना का अधिकार जैसे ऐतिहासिक कानून पारित हुए और अमेरिका के साथ परमाणु नागरिक समझौता हुआ। 10 जून 2026 की यह तारीख केवल एक रिकॉर्ड के टूटने की गवाही नहीं दे रही है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे और उनके प्रति भारतीय जनता के अगाध और अटूट विश्वास को दर्शाती है। पंडित नेहरू के बाद लगातार तीन बार पूर्ण बहुमत या गठबंधन के साथ सत्ता में आकर इतने लंबे समय तक बिना रुके देश का नेतृत्व करना यह साबित करता है कि समकालीन वैश्विक राजनीति में नरेंद्र मोदी का कद सबसे मजबूत और ऐतिहासिक हो चुका है।
 


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