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उत्तराखंड में विकास की नई उड़ान: सीएम धामी ने 42 करोड़ की परियोजनाओं को दी हरी झंडी, चमकेगी बुनियादी व्यवस्था

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 26, 2026 01:06 PM
A New Flight of Development in Uttarakhand: CM Dhami Greenlights Projects Worth ₹42 Crore; Infrastructure Set to Shine

देहरादून। उत्तराखंड में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए धामी सरकार ने अपने कदम तेज कर दिए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में चौतरफा विकास को गति देने के लिए करीब 42 करोड़ रुपये की विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान की हैं। सरकार की इस बड़ी मंजूरी से न सिर्फ राज्य में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि आम जनता को मिलने वाली जनसुविधाओं में भी व्यापक सुधार होगा। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचा, धार्मिक स्थल और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आवंटित किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों और धार्मिक आस्था के केंद्रों को संवारने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत धारचूला विधानसभा के ग्राम बौन स्थित प्रसिद्ध हयां गुरु देव एवं गैरेंग मंदिर के सुंदरीकरण और चारदीवारी निर्माण के लिए 85 लाख रुपये की विशेष राशि स्वीकृत की गई है। कुलान्टेश्वर महादेव मेले के आयोजन स्थल के सुंदरीकरण और विकास कार्यों के लिए 50.08 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।  पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र के मेवड़ नागड़ स्थित श्मशान घाट में बाउंड्रीवाल (चारदीवारी) निर्माण हेतु 16.49 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और आपदा की घड़ी में आम लोगों को सहारा देने के लिए भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई है। चंपावत विधानसभा क्षेत्र के सीमांत इलाकों टनकपुर और बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 20 किलोमीटर आंतरिक मार्गों (सड़कों) के निर्माण के लिए 4.38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों का सफर आसान होगा। इसके साथ ही, देहरादून जिले के ग्राम मझाड़ा-कार्लीगाड में दैवीय आपदा (प्राकृतिक आपदा) की मार झेल रहे 14 प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत दी गई है। इन परिवारों को छह महीने तक सुरक्षित किराये के भवनों में रखने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 3.36 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस 42 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का उपयोग राज्य में अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) परियोजनाओं को गति देने और ग्रामीण संपर्क मार्गों को ऑल-वेदर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं का काम समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर शुरू किया जाए, ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।


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