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उत्तराखंड में स्वरोजगार की नई क्रांति: 'वीर उद्यमी योजना' को हरी झंडी, 50 हजार युवाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 25, 2026 12:03 PM
A New Revolution in Self-Employment in Uttarakhand: 'Veer Udyami Yojana' Given the Green Signal, Aiming to Transform 50,000 Youths into Entrepreneurs

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने युवाओं को नौकरी का भरोसा देने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत पूरक योजना के रूप में ‘वीर उद्यमी योजना-2026’ शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से मार्च 2025 से मार्च 2030 तक 50 हजार से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का नाम ‘वीर उद्यमी’ रखकर सरकार वीरता और उद्यमशीलता दोनों को सम्मान दे रही है। यह योजना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 की पूरक (सप्लीमेंटरी) स्कीम के रूप में संचालित होगी। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 25 लाख रुपये तक और सर्विस एवं ट्रेड सेक्टर में 10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जाएगी। लाभार्थियों को कोलैटरल फ्री बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, यानी बिना किसी गारंटी या संपत्ति गिरवी रखे ऋण मिल सकेगा। विशेष वर्गों को विशेष छूट दी गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को केवल 5 प्रतिशत अंशदान करना होगा। सामान्य वर्ग के लिए यह अंशदान थोड़ा अधिक हो सकता है।
अनुदान की दरें क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में:

2 लाख रुपये तक की परियोजना पर 30 प्रतिशत
10 लाख तक 25 प्रतिशत
25 लाख तक 20 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।

मैदानी क्षेत्रों में यह क्रमशः 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 15 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इसके अलावा योजना में तीन बूस्टर का प्रावधान है भौगोलिक बूस्टर, सामाजिक बूस्टर और उत्पाद आधारित बूस्टर। प्रत्येक बूस्टर के तहत अतिरिक्त 5 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है, लेकिन एक लाभार्थी को केवल एक ही बूस्टर का लाभ मिलेगा। इससे पर्वतीय, दूरदराज, महिला, दिव्यांग या विशेष उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि अगले चार वर्षों में इस पूरक योजना पर करीब 683.90 लाख रुपये (लगभग 6.84 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वर्षवार खर्च इस प्रकार होगा:

2026-27: 146.55 लाख
2027-28: 162.83 लाख
2028-29: 179.12 लाख
2029-30: 195.40 लाख रुपये

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत पहले से ही 2025-26 से 2029-30 तक लगभग 393 करोड़ रुपये का प्रावधान है। ‘वीर उद्यमी योजना’ को शामिल करने के बाद कुल बजट का आकार लगभग 400 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। उत्तराखंड सरकार का मानना है कि इस योजना से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को मजबूती मिलेगी। स्थानीय संसाधनों का उपयोग बढ़ेगा, पलायन रुकेगा और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। युवा अपने गांव-शहर में ही उद्योग स्थापित कर सकेंगे, जिससे न केवल खुद का रोजगार बनेगा बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इच्छुक युवा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। उद्योग विभाग द्वारा आवेदनों की जांच के बाद बैंक को ऋण स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। योजना में न्यूनतम 18 वर्ष की आयु, उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना और बैंक डिफॉल्टर न होना अनिवार्य शर्तें हैं। एक परिवार से केवल एक व्यक्ति ही लाभ ले सकता है। ‘वीर उद्यमी योजना’ उत्तराखंड को ‘उद्यम प्रदेश’ बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कहा है कि युवा अब नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इस योजना से अपेक्षा है कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में आत्मनिर्भर उद्यमियों की एक बड़ी फौज तैयार होगी, जो देवभूमि की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, पर्वतीय क्षेत्रों का विकास और युवाओं का पलायन रोकना ये सभी उद्देश्य इस एक योजना में समाहित हैं। यदि आप भी अपना उद्यम शुरू करना चाहते हैं तो ‘एक क्लिक’ में वीर उद्यमी बनने का सुनहरा अवसर आपके इंतजार में है।


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