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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक से मचा हड़कंप! दो विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचे, व्हाट्सएप ग्रुप पर सवाल भेजने वाला सहायक प्रोफेसर बर्खास्त

editor
  • Awaaz Desk
  • July 23, 2026 09:07 AM
A paper leak at Uttarakhand Technical University has caused a stir! Question papers for two subjects reached students before the exam. The assistant professor who sent the questions to a WhatsApp group has been dismissed.

देहरादून। देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच उत्तराखंड से भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षाओं के दो प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक होने की पुष्टि हुई है। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। साथ ही जांच में जिम्मेदार पाए गए एक सहायक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है और उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की परीक्षा संबंधी किसी भी गतिविधि में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है। पेपर लीक का मामला मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाओं से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र से संबंधित कुछ सवाल छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में पहुंच गए थे। परीक्षा के दौरान वही प्रश्न सामने आने के बाद मामले को लेकर शिकायत हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय और संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशकों को एक गुमनाम ईमेल के जरिए भी शिकायत भेजी गई। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई।

कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर के निर्देश पर मामले की जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित की गई। समिति ने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करने के साथ संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि एक इंजीनियरिंग कॉलेज में तैनात सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल कुछ छात्रों तक पहुंचाए थे। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हुई। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने बताया कि दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और अब इन्हें दोबारा आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अनुसार नई परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित हैं। परीक्षा की अंतिम तारीख और केंद्रों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी। कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि 8 जुलाई को हुई एक परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की शिकायत विश्वविद्यालय को मिली थी। आंतरिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद उस परीक्षा में शामिल 22 छात्रों के पेपर निरस्त कर दिए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी शिक्षक ने विश्वविद्यालय की एक अन्य परीक्षा का प्रश्नपत्र भी तैयार किया था।

इस परीक्षा में 355 छात्र शामिल हुए थे। किसी शिकायत के बावजूद भविष्य में किसी तरह की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने इस परीक्षा को भी निरस्त करने का फैसला किया। जांच में आरोप साबित होने के बाद संबंधित सहायक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें सात साल तक विश्वविद्यालय की परीक्षा संबंधी सभी गतिविधियों से प्रतिबंधित किया गया है। विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेज को भी आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने कहा कि आरोपी विश्वविद्यालय का नियमित शिक्षक नहीं था, बल्कि संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ा हुआ था। इस मामले का सीधा असर यूटीयू से जुड़े करीब 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है। जिन छात्रों ने दोनों विषयों की परीक्षाएं दी थीं, उन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। पेपर लीक की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देशभर में परीक्षा और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में यूटीयू की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 


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