टूटेगा आस्था का रिकॉर्ड! दूसरी सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ धाम में उमड़ेगा 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब, 18 घंटे चलेगा जलाभिषेक
मुजफ्फरपुर। सावन माह की दूसरी सोमवारी को लेकर बिहार के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में आस्था का ऐसा महासंगम देखने को मिल सकता है, जो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दे। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन का अनुमान है कि 10 अगस्त को होने वाली दूसरी सोमवारी पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा गरीबनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंच सकते हैं। पहली सोमवारी पर ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था, जबकि इस बार भक्तों की संख्या दोगुनी होने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए मंदिर और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
शुक्रवार सुबह से ही बाबा गरीबनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी। मंदिर परिसर दिनभर "बाबा गरीबनाथ" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंजता रहा। दूर-दराज के जिलों और राज्यों से पहुंचे कांवरियों ने पहले बाबा के दर्शन-पूजन किए और उनका आशीर्वाद लेकर पहलेजा घाट के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में भगवान शिव की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और बाबा गरीबनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र कृपा बरसाते हैं। सावन की दूसरी सोमवारी के लिए सामान्य कांवरियों के साथ-साथ डाक कांवरियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार शाम तक हजारों कांवरिया पहलेजा घाट पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे। वहां से पवित्र गंगाजल लेकर वे पैदल यात्रा करते हुए मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कई कांवरिया दो दिनों तक लगातार पैदल यात्रा कर विभिन्न शिविरों में विश्राम करते हुए मंदिर तक पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पूरे वर्ष सावन माह का इंतजार करते हैं। उनका विश्वास है कि भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती। बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि दूसरी सोमवारी को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रविवार रात 9 बजे से सोमवार शाम 4 बजे तक लगभग 18 घंटे तक अरघा के माध्यम से जलाभिषेक कराया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए हजारों श्रद्धालु एक साथ अपना गंगाजल अर्पित कर सकेंगे। इसके बाद गर्भगृह में सीधे जलाभिषेक की व्यवस्था शुरू होगी। श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अरघा के समीप एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। इसके माध्यम से भक्त गर्भगृह में हो रहे जलाभिषेक और बाबा के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने दूसरी सोमवारी को लेकर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हजारों स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। चिकित्सा सहायता, पेयजल, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें। प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया गया है। उनका कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख का आंकड़ा पार कर सकती है, जिसमें बड़ी संख्या स्थानीय श्रद्धालुओं की भी होगी। मंदिर प्रशासन ने सामान्य श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोमवार सुबह 7 बजे के बाद ही जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचें। प्रशासन के अनुसार, रविवार रात से सोमवार सुबह तक डाक कांवरियों और सामान्य कांवरियों का जलाभिषेक लगातार चलता रहता है। ऐसे में यदि आम श्रद्धालु भी उसी समय पहुंचेंगे तो भीड़ बढ़ने से कांवरियों को असुविधा हो सकती है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दूसरी सोमवारी पर लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद जलाभिषेक, दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे। आस्था, भक्ति और शिव आराधना के इस महापर्व को लेकर बाबा गरीबनाथ धाम पूरी तरह सज-धजकर तैयार है और अब सभी की निगाहें उस ऐतिहासिक दिन पर टिकी हैं, जब बाबा के दरबार में श्रद्धा का नया रिकॉर्ड बन सकता है।