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लोहागढ़ किले की चट्टानों पर दफन हुआ एक रिश्ता! केतन अग्रवाल की मौत के पीछे क्या थी बड़ी साजिश? सगाई के बाद बार-बार ट्रैकिंग, संदिग्ध बाली ट्रिप

editor
  • Awaaz Desk
  • June 24, 2026 03:06 PM
A relationship buried amidst the rocks of Lohagarh Fort! What was the major conspiracy behind Ketan Agarwal's death? Frequent trekking trips after the engagement and a suspicious trip to Bali.

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल की मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआत में जिस घटना को एक सामान्य हादसा माना जा रहा था, वही पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं लगती। लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टानों से गिरकर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर रिश्तों में ऐसा कौन-सा मोड़ आ सकता है, जहां प्यार की जगह नफरत और विश्वास की जगह साजिश ले लेती है। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके करीबी मित्र चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई थी और 18 जून को उसे लोहागढ़ किले की चट्टान से नीचे धक्का दे दिया। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस युवती से कुछ ही महीनों बाद केतन की शादी होने वाली थी, वह आखिर क्यों उसके जीवन की सबसे बड़ी दुश्मन बन गई? केतन के पिता विशाल अग्रवाल आज भी अपने बेटे की मौत के दर्द से उबर नहीं पाए हैं। बेटे को याद करते हुए उनकी आंखें भर आती हैं। उन्होंने कहा कि केतन उनके बुढ़ापे का सहारा था और उन्हें उम्मीद थी कि बेटा जिंदगीभर उनके साथ रहेगा। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, "मुझे उम्मीद थी कि मेरा बेटा एक दिन मेरी चिता को अग्नि देगा, लेकिन आज मुझे ही उसके अंतिम संस्कार में शामिल होना पड़ा। किसी के आपराधिक कृत्य ने मेरा बेटा मुझसे छीन लिया।" परिवार अब भी यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि खुशहाल दिखने वाला रिश्ता इतनी भयावह परिणति तक पहुंच गया।

फरवरी में हुई थी सगाई, कुछ महीनों बाद होनी थी शादी
जानकारी के अनुसार केतन और सिया की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की तैयारियां चल रही थीं और आने वाले महीनों में शादी होने वाली थी। परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों के रिश्ते को लेकर कभी कोई गंभीर विवाद सामने नहीं आया था। लेकिन अब जांच में सामने आ रही घटनाओं की कड़ियां कई सवाल खड़े कर रही हैं।

बार-बार लोहागढ़ किले जाने की जिद ने बढ़ाया शक
31 मई को केतन और सिया पहली बार लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग पर गए थे। इसके कुछ दिनों बाद फिर से उसी स्थान पर जाने की चर्चा शुरू हुई। 5 जून को भी वहां जाने की योजना बनाई गई, हालांकि वह कार्यक्रम पूरा नहीं हो पाया। केतन के पिता के अनुसार उन्हें यह जरूर अजीब लगा था कि दोनों बार-बार उसी किले पर जाने की योजना बना रहे हैं, लेकिन उस समय किसी को भी किसी साजिश का अंदेशा नहीं था। आज वही घटनाएं जांच एजेंसियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग बन चुकी हैं।

बाली ट्रिप रद्द होने के पीछे भी छिपा था कोई राज?
मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू बाली यात्रा को लेकर सामने आया है। 6 जून को चार लोगों का बाली घूमने जाने का कार्यक्रम तय था। परिवार के अनुसार सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अचानक केतन का पासपोर्ट कथित रूप से चोरी हो गया। इसके बाद पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी और सभी वापस लौट आए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या बाली ट्रिप का रद्द होना महज संयोग था या फिर किसी बड़ी योजना का हिस्सा।

14 जून को हुई थी हत्या की पहली कोशिश?
पुलिस जांच में 14 जून की यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इसी दिन कथित तौर पर केतन को चट्टान से नीचे धक्का देने की पहली कोशिश की गई थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि नीचे गिरते समय एक पेड़ की मजबूत शाखा के सहारे उसकी जान बच गई। इसके बाद सिया ने कथित तौर पर केतन को बताया कि उसने चट्टान के किनारे सांप देखा था और घबराहट में उसे बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन ने अपनी मंगेतर की बात पर विश्वास कर लिया और घटना को दुर्घटना मान लिया। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह वास्तव में हत्या की पहली असफल कोशिश थी।

18 जून को हुई मौत, हादसे से हत्या तक पहुंची जांच
पुलिस के अनुसार 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर कथित रूप से योजना को अंजाम दिया। लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान पर पहुंचे केतन को नीचे धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने अधिकारियों को बताया कि केतन का पैर फिसल गया था और वह दुर्घटनावश नीचे गिर गया। लेकिन जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस को इस कहानी पर संदेह करने के लिए मजबूर कर दिया। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार केतन एक अनुभवी ट्रेकर था। ऐसे व्यक्ति का अचानक संतुलन खोकर गिर जाना जांचकर्ताओं को सामान्य नहीं लगा। इसी आधार पर मामले की गहन जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज ने खोली साजिश की परतें
मामले में सबसे बड़ा सुराग लोहागढ़ किले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला। फुटेज में केतन और सिया एक साथ चलते दिखाई देते हैं। उनके पीछे एक तीसरा व्यक्ति भी नजर आता है, जिसने हूडी पहन रखी थी और अपना चेहरा काफी हद तक ढका हुआ था। पुलिस के अनुसार एक जगह सिया पीछे मुड़कर उस व्यक्ति की ओर देखती हुई दिखाई देती है। इसी दौरान वह व्यक्ति अचानक नीचे बैठ जाता है, मानो खुद को कैमरे से बचाने की कोशिश कर रहा हो। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उस दिन क्षेत्र का तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था। इतनी गर्मी में किसी व्यक्ति का हूडी पहनकर चलना पुलिस को बेहद संदिग्ध लगा। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि यह व्यक्ति चेतन चौधरी था, जो कथित रूप से पूरी योजना का हिस्सा था।

हत्या के पीछे की मंशा अब भी सबसे बड़ा सवाल
हालांकि पुलिस ने हत्या की साजिश और घटनाक्रम को लेकर कई महत्वपूर्ण सुराग जुटा लिए हैं, लेकिन हत्या के पीछे की वास्तविक मंशा अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आखिर ऐसा क्या कारण था कि शादी के बंधन में बंधने जा रही युवती ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने की कथित योजना बनाई? क्या इसके पीछे प्रेम संबंध, आर्थिक कारण या कोई अन्य विवाद था? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पूरे देश की नजर जांच पर
फिलहाल यह मामला महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ केतन का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के पीछे की पूरी सच्चाई आखिर क्या है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जो इस सनसनीखेज मामले के हर राज से पर्दा उठा सकती है।


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