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एक स्कूल ऐसा भीः यहां हाथ जोड़कर नहीं होती है प्रार्थना! 75 प्रतिशत बच्चे मुस्लिम, लिंक में पढ़ें आखिर क्यों मजबूर हैं प्रिंसिपल

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • July 06, 2022 06:07 AM
A school like this too: Here prayer does not happen with folded hands! 75 percent children are Muslim, read in the link why the principal is compelled

नई दिल्ली। झारखण्ड के गढ़वा जिले से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक ऐसा स्कूल है जहां पढ़ने वाले बच्चे हाथ जोड़कर प्रार्थना नहीं कर सकते। बताया जाता है कि यहां हाथ बांधकर ‘तू ही राम है तू ही रहीम है’ प्रार्थना की जाती है। कहा जा रहा है कि मुस्लिम आबादी ज्यादा होने से इस स्कूल के अधिकतर बच्चे मुस्लिम समुदाय से आते हैं और गांव के लोगों ने ही हाथ जोड़कर प्रार्थना न करने के लिए प्रिंसिपल पर दबाव बनाया था। फिलहाल मामला सुर्खियों में आया तो उच्चाधिकारियों ने इसपर संज्ञान लिया।

इस मामले में शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं और शिक्षा मंत्री के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को अपनी टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण किया और जांच-पड़ताल की। प्रिंसिपल का आरोप है कि स्थानीय लोगों के दबाव में यह सिलसिला पिछले 9 साल से चल रहा है। ग्रामीणों की जिद के आगे वह मजबूर होकर ऐसा करवा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी इसकी शिकायत की थी। 

उधर राज्य के गढ़वा जिले के स्कूल में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा प्रार्थना बदलवाने के मामले में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जांच का आदेश दिया है। महतो ने इस संबंध में गढ़वा जिले के डिप्टी कमिश्नर को जांच करने काे कहा है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला खासा सुर्खियों में आ गया है और हर तरफ इसकी निंदा की जा रही है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार का मामला नहीं होना चाहिए। लोगों के अनुसार ग्रामीणों ने किया वह गलत है, हांलाकि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही इसको लेकर स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।


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