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खटीमा के लाल ने रचा इतिहास: एनडीए में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल कर जतिन भाट बने युवाओं की प्रेरणा

editor
  • Tapas Vishwas
  • November 07, 2026 01:11 PM
A son of Khatima makes history: Jatin Bhat secures an all-India 11th rank in the NDA, becoming an inspiration for the youth.

खटीमा। ‘पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं’ इस कहावत को देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत शहर खटीमा के एक होनहार युवा ने शत-प्रतिशत सच साबित कर दिखाया है। खटीमा की सैनिक कॉलोनी (अमाऊं) निवासी जतिन सिंह भाट ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। पूर्व सैनिक के घर जन्मे इस युवा की यह असाधारण सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य के लिए गर्व का क्षण है।

खटीमा के एक होनहार युवा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सैनिक कॉलोनी अमाऊं निवासी जतिन सिंह भाट ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रतिष्ठित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 11वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। पूर्व सैनिक के बेटे जतिन की इस सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। सेना में अफसर बनने का सपना लेकर तैयारी कर रहे जतिन की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है। जतिन की सफलता पर उनके विद्यालय में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन ने जतिन और उनके माता-पिता का माल्यार्पण कर तथा अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया। समारोह में एनसीसी कैडेटों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। पहाड़ की लोकसंस्कृति की पहचान ढोल-दमाऊ की गूंज और छोलियारों की पारंपरिक प्रस्तुति ने आयोजन को खास बना दिया। विद्यालय की शिक्षिकाओं और एनसीसी कैडेटों ने भी खुशी जाहिर करते हुए जतिन की उपलब्धि का उत्सव मनाया। पूरा परिसर उत्साह और गर्व के माहौल से गूंज उठा। जतिन के पिता नारायण भाट भारतीय सेना में हवलदार के पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। ऐसे में बेटे की इस उपलब्धि को परिवार के लिए विशेष गौरव का क्षण माना जा रहा है। उनकी माता गीता भाट ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें अब भी यह किसी सपने जैसा लग रहा है कि उनका बेटा सेना में अफसर बनने की दिशा में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने जतिन की सफलता में विद्यालय के शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनका आभार जताया। अपनी उपलब्धि पर जतिन सिंह भाट ने इसका श्रेय अपने माता-पिता और विद्यालय के शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सके हैं। जतिन ने रक्षा सेवाओं में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को संदेश दिया कि सफलता के लिए तैयारी में निरंतरता और मेहनत बेहद जरूरी है। लक्ष्य तय करने के बाद रास्ते में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय पूरी लगन के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे जिस क्षेत्र में रुचि रखते हैं, उसमें अपनी मेहनत और लगन बनाए रखें। विद्यालय प्रबंधन ने जतिन की उपलब्धि को संस्थान के लिए भी गौरवपूर्ण बताया। प्रबंध निदेशक मधुसूदन दास गोस्वामी, सह प्रबंध निदेशक प्राजेश गोस्वामी, जया चुफाल गोस्वामी, प्रबंधक विनोद बोहरा, प्रभा ज्याला, जगदीश सामंत और दिनेश चिलकोटी ने जतिन के साथ उनके माता-पिता को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जतिन की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में मिली रैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। सैनिक परिवार में पले-बढ़े जतिन ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के सहारे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। खटीमा के इस युवा की उपलब्धि ने एक बार फिर सीमांत क्षेत्र की प्रतिभा और क्षमता को देश के सामने रखा है।


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