रुद्रपुर में श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम: ट्रांजिट कैंप में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू
रुद्रपुर। जनपद उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर स्थित ट्रांजिट कैंप में इस वर्ष भी शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव की दिव्य और भव्य शुरुआत हो चुकी है। षष्ठी पूजन के पवित्र अवसर पर शाम को आयोजित भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पाँच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। भक्ति, आस्था और बंगाली संस्कृति के इस महापर्व को लेकर समूचे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह और उल्लास का माहौल देखा जा रहा है।
रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ षष्ठी पूजन के बाद भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। मां दुर्गा की आराधना, भक्ति संगीत और कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के पहले दिन श्रद्धा और संस्कृति का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साह के साथ भाग लिया। शाम आठ बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिनेशपुर के डीआरएस ग्रुप के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे-मुन्ने कलाकारों की गणेश वंदना और भगवान गणेश की भक्ति से जुड़े गीतों के साथ हुई। बच्चों ने नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हास्य कार्यक्रमों ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में उत्सव का माहौल दिखाई देने लगा। मां दुर्गा के प्रति आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति समर्पण ने आयोजन को विशेष बना दिया। आयोजकों के अनुसार, पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी।
दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष एडवोकेट विश्वजीत मंडल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय आयोजन में स्थानीय कलाकारों के साथ बाहर से आने वाले अतिथि कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। प्रतिदिन सुबह विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके लिए पुरोहितों के मार्गदर्शन में निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संध्या के समय मां दुर्गा के समक्ष आरती प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और उन्हें शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना है। समिति का प्रयास है कि नई पीढ़ी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को समझे तथा अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़े। कोषाध्यक्ष एडवोकेट विश्वजीत मंडल ने कहा कि बंगाली समाज में मां दुर्गा की पूजा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया था। इसी आस्था के साथ बंगाली समाज पीढ़ियों से दुर्गा पूजा को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाता आ रहा है। उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा का आगमन होते ही समाज में उत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग नए वस्त्र और आभूषण धारण कर मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं। पांच दिनों तक चलने वाला यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों को एक साथ आने का अवसर भी देता है। ट्रांजिट कैंप में आयोजित यह महोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बच्चों की प्रतियोगिताओं के माध्यम से आयोजन में सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। मां दुर्गा की आराधना के साथ शुरू हुआ यह पांच दिवसीय उत्सव आने वाले दिनों में भी भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा।