तबाही के बीच हरदोई से अनोखी गुहार: बारिश से 56 मौतों के दर्द में छलका गुस्सा, शख्स ने 'इंद्रदेव' के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे सूबे में भारी तबाही मचाई है। उफनती नदियों, जलभराव और जर्जर मकानों के गिरने जैसी भीषण घटनाओं में राज्यभर में अब तक कम से कम 56 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। प्राकृतिक आपदा के इस भयावह मंजर और प्रशासनिक बेबसी के बीच हरदोई जिले से एक ऐसा अनूठा मामला सामने आया है, जिसने तबाही के दर्द के बीच लोगों का ध्यान खींचा है। लगातार हो रही बारिश से त्रस्त एक ग्रामीण ने सीधे वर्षा के देवता 'इंद्रदेव' के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
यूपी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां जनजीवन को बेहाल कर दिया है, वहीं हरदोई से सामने आया एक अनोखा मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जिले के मल्लावां ब्लॉक के नेवादा पारस गांव निवासी सूरज तिवारी ने लगातार बारिश से परेशान होकर प्रदेश के जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर सीधे इंद्रदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में उन्होंने बारिश के देवता से जुड़े अंदाज में अधिकारियों से गुहार लगाई कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही बारिश को नियंत्रित कराया जाए। सूरज तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा कि क्षेत्र में कभी तेज तो कभी धीमी बारिश लगातार जारी है। इसके चलते सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के सामने फसलों को नुकसान पहुंचने की चिंता भी बढ़ गई है। शिकायत का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह है, जिसमें शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें इंद्रदेव का मोबाइल नंबर मालूम नहीं है। इसलिए उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का इस्तेमाल कर इंद्रदेव तक संदेश पहुंचाया जाए और बारिश को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि शिकायत का अंदाज लोगों को हंसने पर मजबूर कर रहा है, लेकिन इसके पीछे हरदोई और पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश से पैदा हुई गंभीर स्थिति है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 25 से 27 सितंबर के बीच शुरुआती रिपोर्ट में प्रदेश में 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इस दौरान 1,020 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए और 107 पशुओं की मौत हुई। बाद की रिपोर्ट में तीन दिनों का कुल मृतक आंकड़ा 81 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। साथ ही 62 लोगों के घायल होने और 2,254 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। यानी शुरुआती आंकड़ों के बाद नुकसान का दायरा और बढ़ा है। हरदोई में भी बारिश का असर खासा गंभीर रहा। प्रशासन के अनुसार सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में लोगों की जान गई है। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और रहने की व्यवस्था की गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, सड़क और बिजली सेवाओं को बहाल करने तथा प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है। ऐसे में सूरज तिवारी की ‘इंद्रदेव’ वाली शिकायत भले ही अपने अनोखे अंदाज के कारण सुर्खियों में आ गई हो, लेकिन यह घटना लगातार बारिश से परेशान आम लोगों की स्थिति को भी सामने लाती है। शिकायत का हास्यपूर्ण अंदाज अलग है, मगर उसके पीछे जलभराव, आवागमन में बाधा और फसलों को नुकसान जैसी वास्तविक परेशानियां मौजूद हैं।