• Home
  • News
  • According to the NCRB report released last year, every day screams innocence! The incidence of rape with girls has increased across the country.

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस -NCRB की पिछले साल जारी रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन चीख़ती चिल्लाती है मासूमियत!देशभर में बढ़ी है बच्चियों के साथ रेप की घटानाएँ

editor
  • Kanchan Verma
  • October 11, 2022 08:10 AM
According to the NCRB report released last year, every day screams innocence! The incidence of rape with girls has increased across the country.

भारत:11/10/2022

हर साल 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करना है। आज हम भले ही महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बड़ी बड़ी बातें करे,उनकी सुरक्षा के दावे करे लेकिन ज़मीनी हकीकत चौंकाने वाली है। देश मे नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं रुकने की जगह और ज़्यादा बढ़ गयी है। 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्‍यूरो ने पिछले साल यानी 2021 का जो आंकड़ा (NCRB Data 2021) जारी किया है, वे इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। इन आंकड़ों से भारत सरकार के उन दावों की भी पोल खुलती है जो कहते है कि देश मे नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक औसतन हर दिन करीब 90 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्‍कर्म की घटनाए हुई हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 15.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जहां साल 2020 में 3 लाख 71 हजार 503 मामले दर्ज हुए थे। वहीं, साल 2021 में 4 लाख 28 हजार 278 मामले दर्ज किए गए हैं।

नाबालिग लड़कियों से दुष्‍कर्म के मामले राजस्थान और मध्‍य प्रदेश में सबसे ज्‍यादा हैं. इसके बाद महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक का नंबर आता है। 

नाबालिग लड़कियों के साथ हुए दुष्कर्म की बात करें तो जारी आंकड़ों के मुताबिक 2021 में 33,186 नाबालिग हैवानियत का शिकार हुई हैं, यानी हर दिन देश के किसी न किसी हिस्से में मासूमियत चीखती-चिल्लाती है और उनका बचपन सिसकियों में ही खो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में दिल्ली में हर दिन दो नाबालिग लड़कियों के साथ रेप की घटना सामने आई. 
साल 2021 में राजस्थान में दुष्कर्म के इतने मामले दर्ज हुए हैं, जितने दो बड़े राज्यों में मिलकर भी दर्ज नहीं हुए।
दिल्ली में दर्ज मामले महानगरों में सबसे अधिक है। 2020 में दिल्ली में महिलाओं के प्रति अपराध के 9,782 मामले दर्ज किए गए थे तो वही 2021 में दर्ज किए गए मामले 2020 में दर्ज किए गए मामलों से 40 प्रतिशत ज्यादा हैं, यह डरावना तो है ही साथ ही सरकारों के महिलाओ और बच्चियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का कोई औचित्य नही रह जाता जब आंकड़े नाबालिग बच्चियों और महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म के डराने वाले हो।


संबंधित आलेख: