नैनीताल में बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, मैदानी इलाकों में बाढ़ चौकियां सक्रिय, 2 दर्जन ग्रामीण सड़कें बंद, डीएम ललित मोहन रयाल बोले-प्रशासन 24 घंटे मुस्तैद
नैनीताल। जनपद नैनीताल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सुरक्षा, राहत और बचाव व्यवस्था की कमान खुद संभाल ली है। जिला प्रशासन द्वारा आपदा से निपटने और आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
नैनीताल जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आए मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात कर दी गई हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के मैदानी क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर दिया गया है। सभी चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो नदियों और जल स्रोतों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई संपर्क मार्गों पर पहाड़ी से मलबा आने की सूचना है। प्रशासन के अनुसार करीब दो दर्जन ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हैं। इन सड़कों को खोलने के लिए संबंधित स्थानों पर जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात कर दी गई हैं। जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण एवं संबंधित एजेंसियों को बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश थमते ही सड़कों से मलबा हटाने का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने लगातार बारिश के बीच आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग नदी-नालों, जल स्रोतों अथवा तेज बहाव वाली बरसाती नदियों के किनारे रह रहे हैं, वे फिलहाल घरों के अंदर रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश के दौरान कॉज-वे और बरसाती नालों को पार करने या उनके आसपास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से गंभीर हादसा हो सकता है। नैनीताल में बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से भी सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों, एहतियाती उपायों और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचना ही बेहतर है। विशेषकर ऐसे मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां भूस्खलन या मलबा आने का खतरा बना रहता है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक जिला आपदा कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी लगातार की जा रही है।लगातार बारिश के कारण जिले में सड़क, यातायात और जलस्तर की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें पूरी तरह तैयार हैं।