मसूरी में गरजा प्रशासन का 'पीला पंजा': झूलाघर के पास 4 अवैध दुकानें जमींदोज, मची खलबली
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में अवैध निर्माण और अनधिकृत कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। झूलाघर क्षेत्र में मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने अचानक पहुंचे प्रशासन के 'पीले पंजे' (जेसीबी) ने देखते ही देखते चार अवैध दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।
पहाड़ों की रानी मसूरी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। झूलाघर क्षेत्र में मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने किए गए अनधिकृत निर्माण पर प्रशासन का पीला पंजा चला और जेसीबी की मदद से चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के निर्देश पर की गई। तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम रॉक स्टोन, अपर झूलाघर क्षेत्र में पहुंची। यहां संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा की ओर से किए गए अनधिकृत निर्माण के मामले में नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बताया गया कि मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को 19 अगस्त को उपलब्ध करा दी गई थी। प्रशासन की ओर से संबंधित निर्माणकर्ता को 15 दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का अवसर दिया गया था। इसके लिए निर्धारित समय सीमा दो सितंबर को समाप्त हो गई, लेकिन निर्माण नहीं हटाया गया। प्रशासन के अनुसार ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ उस समय कोई स्थगनादेश भी प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद एमडीडीए ने पुलिस बल की मौजूदगी में चार दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा ने बताया कि संबंधित निर्माणकर्ता की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील की गई थी। हालांकि, अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत की गई है। एसडीएम राहुल आनंद ने स्पष्ट किया कि मसूरी में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन और विकास प्राधिकरण के स्तर पर ऐसे कई मामले विचाराधीन हैं। जांच और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मसूरी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन पहले भी अभियान चलाता रहा है। इससे पहले माल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उस अभियान के दौरान नगर पालिका परिषद की टीम और कुछ लोगों के बीच विवाद भी हुआ था। नगर पालिका ने आरोप लगाया था कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने टीम को रोकने के साथ सरकारी कार्य में बाधा डाली और अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। जब्त सामान ले जा रहे वाहन को रोकने की बात भी सामने आई थी। सोमवार की कार्रवाई को प्रशासन की ओर से मसूरी में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य चिन्हित मामलों में भी कार्रवाई हो सकती है।