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बिहार के बाद अब पंजाब फतह करने की तैयारी में जेडीयू, 45 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का बनाया मेगा प्लान

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 22, 2026 09:06 AM
After Bihar, the JD(U) is now gearing up to conquer Punjab, having devised a mega plan to contest 45 assembly seats.

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के बाद, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार की तैयारी में जुट गई है। अगले साल पंजाब सहित देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर जेडीयू ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में पंजाब जेडीयू ने राज्य की 45 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पटना में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस चुनावी ब्लूप्रिंट पर शीर्ष नेतृत्व के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में भाग लेने पहुंचे पंजाब जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष मालवेंद्र सिंह बेनिपाल ने पार्टी के इस बड़े कदम की पुष्टि की है। जब उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जेडीयू ने मैदान में न उतरकर भाजपा को समर्थन दिया था, तो क्या पंजाब में भी ऐसा होगा? इस पर बेनिपाल ने दोटूक कहा, "बंगाल और पंजाब की जमीनी हकीकत में बड़ा फर्क है। पंजाब चाहे एग्रीकल्चर (कृषि) का क्षेत्र हो या इंडस्ट्री (उद्योग) का, बिहार के प्रवासियों और उनके योगदान के बिना नहीं चल सकता। उन्होंने आगे कहा कि बिहार और पंजाब का रिश्ता बेहद ऐतिहासिक और पवित्र है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली बिहार (पटना साहिब) है, और वहीं से वे पंजाब गए थे। इसलिए यह अटूट नाता कभी खत्म नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरु महाराज के सम्मान में जो ऐतिहासिक कार्य किए हैं, उसकी वजह से पंजाब के लोग उन्हें दिल से प्यार और आदर देते हैं। मालवेंद्र सिंह बेनिपाल ने बताया कि पंजाब में चुनाव लड़ने को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और युवा नेता निशांत कुमार से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, "हमें सिर्फ उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा भरोसा है कि हम चुनाव लड़ेंगे और शीर्ष नेतृत्व से इसके लिए पक्का आश्वासन मिला है।" जब उनसे नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता निशांत कुमार में अपने सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार की छवि देखते हैं, वही जेडीयू का भविष्य हैं। गौरतलब है कि 21 जून को पटना में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में नीतीश कुमार को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष और उमेश कुशवाहा को बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया था। बिहार में मिली बड़ी सफलता के बाद अब जेडीयू का पूरा ध्यान गैर-समान विचारधारा वाले और पड़ोसी राज्यों में संगठन को मजबूत करने पर है। इसी रणनीति के तहत पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य चुनावी राज्यों के प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी रिपोर्ट और चुनावी दावेदारी को मजबूती से रखा है। पंजाब में जेडीयू की इस सक्रियता ने राज्य के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।
 


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