हल्द्वानी रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज दोनों पक्षो को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
नैनीताल: हाई कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता, रेलवे व अतिक्रमणकारियों का पक्ष लगातार दो दिन सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
अतिक्रमणकारियों की तरफ से कहा गया कि उनका पक्ष रेलवे ने नहीं सुना था, इसलिए उनको भी सुनवाई का मौका दिया जाए। रेलवे की तरफ से कहा गया कि सभी अतिक्रमणकारियों को पीपी एक्ट के तहत नोटिस जारी कर सुना गया है, जबकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह राज्य सरकार की नहीं रेलवे की भूमि है।
हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि कोर्ट ने पिछले साल डीआरएम को निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि गफूर बस्ती में अतिक्रमण के मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई कर केशो का निस्तारण करें परन्तु अभी तक डीआरएम व स्टेट ऑफिसर द्वारा एक भी केस का निस्तारण नही किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि माननीय उच्च न्यायलय ने पूर्व में रेलवे की भूमि को खाली कराने के निर्देश दिए थे जिसमें हल्द्वानी की गफूर बस्ती बसी हुई है। कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय तक रोक लगा दी थी परन्तु उच्च न्यायलय ने प्रभावितों को निर्देश दिए थे कि जो प्रभावित है। वे अपनी शिकायत डीआरएम इज्जतनगर में कर सकते है और डीआरएम को निर्देश दिए थे कि उनकी शिकायतों को निर्धारित समय के भीतर निस्तारित करे। इस बीच 4365 लोगो द्वारा अपनी शकायतें डीआरएम को की गई परन्तु इन पर कोई निर्णय नही लिया गया था जिसमें उनके प्रत्यवेदनो को निस्तारित करने हेतु अतरिक्त समय देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने आज दोनों पक्षो को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।