क्वीन एलिजाबेथ की विदाई के बाद अब ब्रिटेन में होंगे बड़े बदलाव!70 साल बाद बदलेगा राष्ट्रगान,नए राजा को नही पड़ेगी अब पासपोर्ट की ज़रूरत,और क्या होंगे बड़े बदलाव जानिए खबर के लिंक में
किंग जॉर्ज की मृत्य के बाद उनकी बड़ी बेटी क्वीन एलिजाबेथ II ने ब्रिटेन पर 70 सालो तक राज किया। क्वीन एलिजाबेथ का निधन ब्रिटेन के 70 साल के इतिहास को भी बदलने जा रहा है, क्योंकि 70 साल पहले महारानी एलिजाबेथ के पिता जॉर्ज-6 थे उनके राजा रहते हुए ब्रिटेन में जो करंसी से लेकर तमाम चीजों में उन्हीं का नाम अंकित हुआ करता था। किंग जॉर्ज की मृत्यु के बाद जब एलिजाबेथ द्वितीय रानी बनी तब वो सब चीजें बदल गयी। 1952 से लेकर 8 सितंबर 2022 तक सब कुछ क्वीन एलिजाबेथ के नाम पर चला। 70 सालो बाद अब ब्रिटेन में सत्ता ही परिवर्तित नही हुई है बल्कि कई अन्य बदलाव में आये है।
1952 के बाद पहली बार ब्रिटेन के राष्ट्रगान में बदलाव होगा।
राष्ट्रगान में "गॉड सेव द क्वीन" की जगह "गॉड सेव द किंग" लेगा-
ब्रिटेन का राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द क्वीन’ से अब ‘गॉड सेव द किंग’ में बदल जाएगा। वर्ष 1952 से ‘गॉड सेव द क्वीन’ ही गाया जा रहा है, क्योंकि किंग जॉर्ज की मौत के बाद एलिजाबेथ द्वितीय क्वीन बनीं और 8 सितंबर, 2022 तक सिंहासन पर विराजमान रहीं। इस तरह करीब 70 साल बाद कोई पुरुष (किंग चार्ल्स) ब्रिटेन की राजगद्दी पर बैठेगा। यह न्यूजीलैंड का भी राष्ट्रगान है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा का रॉयल एंथम है।
बैंक नोट, सिक्कों, पोस्ट बॉक्स, डाक टिकटों आदि पर पहले महारानी का चित्र होता था, जिसे बदलकर अब राजा चार्ल्स तृतीय की तस्वीर लगाई जाएगी। ब्रिटेन में फिलहाल महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीर वाले 4.5 अरब स्टर्लिंग नोट मौजूद हैं। इनकी कुल कीमत करीब 80 अरब पाउंड है।
2,400 से ज्यादा शीर्ष वकीलों के आधिकारिक टाइटल बदल जाएंगे। इन वकीलों के नाम के आगे क्वींस काउंसल लिखा जाता था, अब किंग्स काउंसल हो गए। यह सम्मान देने की व्यवस्था महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने की थी।
ब्रिटेन में नौसैन्य जहाजों पर लगे झंडों में बदलाव देखने को मिल सकता है।ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, फिजी, साइप्रस, एंटीगुआ और बरबुडा। न्यूजीलैंड में सिक्कों पर और पूर्वी कैरेबियाई केंद्रीय बैंक द्वारा जारी सभी सिक्कों और नोटों पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीर छपी है। इसके अलावा कई राष्ट्रमंडल देशों की करेंसी पर भी महारानी की तस्वीर दिखाई देती है।
नए किंग पासपोर्ट के बिना कर सकेंगे यात्रा-
अब राजा चार्ल्स तृतीय को किसी भी देश की यात्रा के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके नाम से ब्रिटेन के लोगों के पासपोर्ट जारी किए जाएंगे। राजा चार्ल्स को अब अपने व्यक्तिगत ध्वज का भी चयन करना होगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 1960 में अपना ध्वज चुना था, जिसमें स्वर्णिम अंग्रेजी के अक्षर ई के साथ मुकुट और गुलाब आदि बने थे। वह राष्ट्रमंडल देशों में दौरे के दौरान इसका इस्तेमाल करती थीं। इसके अलावा जिस वाहन या भवन में महारानी होती थीं उसके ऊपर उनका ध्वज होता था। महारानी के अलावा उनके ध्वज का उपयोग कोई और नहीं कर सकता था।