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झारखंड में छात्र आंदोलन को मिला एआईएसए का बड़ा साथ: 7 अगस्त को विधानसभा मार्च,जेएनयू की चर्चित छात्रा नेता नेहा बोरा होंगी शामिल

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 05, 2026 10:08 AM
AISA extends major support to student movement in Jharkhand: Assembly march scheduled for August 7; prominent JNU student leader Neha Bora to participate.

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आक्रोश अब और उग्र रूप लेने जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से जारी छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने को अब राष्ट्रीय स्तर के छात्र संगठन एआईएसए  (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) का पूर्ण समर्थन मिल गया है। एआईएसए के बैनर तले आगामी 7 अगस्त को रांची में विशाल विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। संगठन का दावा है कि राज्यभर के विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी और छात्र प्रतिनिधि इस प्रदर्शन में शिरकत करेंगे।

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब और व्यापक होता नजर आ रहा है। आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर का समर्थन मिलने लगा है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) ने 7 अगस्त को रांची में विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि राज्यभर के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि इस मार्च में शामिल होंगे। इस आंदोलन की खास बात यह है कि एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की शोधार्थी नेहा बोरा भी इसमें भाग लेंगी, जिससे आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एआईएसए के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने बताया कि विधानसभा मार्च की शुरुआत सुबह 11 बजे बिरसा चौक से होगी। इससे पहले नेहा बोरा के नेतृत्व में संगठन का प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचेगा, जहां पिछले कई दिनों से छात्र धरने पर बैठे हैं। प्रतिनिधिमंडल आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात करेगा और उनकी मांगों तथा आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करेगा। इसके बाद सभी छात्र और समर्थक बिरसा चौक पहुंचेंगे, जहां से विधानसभा की ओर कूच किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है। हालांकि एआईएसए ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अनावश्यक सख्ती करती है या छात्रों को आगे बढ़ने से रोकती है, तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। संगठन ने यह भी घोषणा की है कि वह 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव में भी आंदोलनरत छात्रों के साथ सक्रिय रूप से मौजूद रहेगा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। छात्र निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग कर रहे हैं। धरनास्थल पर दिन-रात छात्रों की मौजूदगी बनी हुई है और लगातार विभिन्न छात्र संगठनों का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है।

एआईएसए ने राज्य सरकार से आंदोलनरत छात्रों के लिए तत्काल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि धरनास्थल पर मेडिकल टीम की तैनाती, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त रोशनी और पंखों जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संगठन ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं। इनमें 14वीं  जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने, पेपर लीक और कथित धांधली में शामिल सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांगते सहित सभी संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच, जेपीएससी-जेईटी का परिणाम जल्द जारी करने, समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू करने, ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसियों के बजाय सरकारी स्तर पर पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराने तथा स्थानीय नियोजन नीति के अनुरूप नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा एआईएसए  मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों के साथ तत्काल संवाद स्थापित कर समाधान का ठोस आश्वासन देने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार समय रहते छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। राजनीतिक और छात्र संगठनों की बढ़ती भागीदारी के बीच अब 7 अगस्त का विधानसभा मार्च झारखंड की राजनीति और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर एक अहम शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन का आगे क्या स्वरूप रहता है।


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