• Home
  • News
  • AISA protests against police crackdown on students: 'Day of Protest' observed at Albert Ekka Chowk; demand raised for the dismissal of guilty police personnel.

छात्रों पर पुलिसिया दमन के खिलाफ आइसा का हल्लाबोल: अल्बर्ट एक्का चौक पर मनाया प्रतिवाद दिवस, दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 25, 2026 06:07 AM
AISA protests against police crackdown on students: 'Day of Protest' observed at Albert Ekka Chowk; demand raised for the dismissal of guilty police personnel.

रांची। पेपर लीक घोटालों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। आइसा के देशव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को राजधानी रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर जोरदार 'प्रतिवाद दिवस' का आयोजन किया गया, जहाँ छात्रों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

प्रतिवाद दिवस को संबोधित करते हुए आइसा के झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि अपने अधिकारों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज पूरी तरह बर्बर और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिसिया दमन हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधे हमले के समान है। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर बर्बरता ढहाने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आइसा के रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों पर इतना भीषण दमन होने के बावजूद प्रधानमंत्री की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को अपनी नैतिक जवाबदेही स्वीकार करते हुए युवाओं की जायज और लोकतांत्रिक मांगों को तुरंत पूरा करना चाहिए। वहीं, आइसा जिला सचिव संजना मेहता ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज के दौरान कई पुलिसकर्मी बिना 'नेम प्लेट' के मौजूद थे, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि ऐसे संदिग्ध और दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित इस उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक एक पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू नहीं होती और छात्रों पर अत्याचार करने वालों पर गाज नहीं गिरती, तब तक सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर आइसा नेता राकेश बड़ाइक, आकाश रंजन, नौरीन अख्तर, शिव उरांव, सुहानी मेहता, शालीन कुमार, सौरभ बेदिया, ओवेद, अंकित सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र और आइसा के कार्यकर्ता मौजूद रहे।


संबंधित आलेख: