अल्मोड़ा: युवतियों की फोटो वायरल करने के आरोप में कॉस्मेटिक दुकान सील,नगर निगम का कड़ा एक्शन
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के मुख्य सीढ़ी बाजार स्थित हरमाल गली में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम की टीम ने युवतियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने और उन पर अश्लील टिप्पणी करने के गंभीर आरोपों से घिरी एक कॉस्मेटिक दुकान को त्वरित कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। नगर निगम प्रशासन की इस सख्त और अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और आम जनमानस में हड़कंप मच गया है।
सीढ़ी बाजार की हरमाल गली स्थित एक कॉस्मेटिक दुकान पर युवतियों की फोटो वायरल करने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपों के बाद नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित दुकान को सील कर दिया। दुकान नगर निगम की ओर से आवंटित की गई थी। शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दुकान पर ताला लगा दिया। नगर निगम की कार्रवाई के बाद बाजार क्षेत्र में भी मामला चर्चा का विषय बन गया। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार दुकान को सील किया। नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि दुकानदार के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। चूंकि दुकान नगर निगम की ओर से आवंटित की गई है, इसलिए शिकायत को गंभीरता से लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रकरण के कारण नगर निगम की छवि भी प्रभावित हो रही थी, जिसके चलते दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार पर युवतियों की तस्वीरें वायरल करने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई थी। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और डिजिटल सामग्री के स्रोत का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले को लेकर बजरंग दल की ओर से एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया था। इसमें संबंधित मोबाइल फोन की साइबर सेल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की गई थी। ज्ञापन में मोबाइल फोन में मौजूद तस्वीरों, स्क्रीनशॉट, चैट, सोशल मीडिया खातों और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच कराने की मांग की गई थी। ज्ञापन के माध्यम से यह भी पता लगाने की मांग की गई थी कि कथित सामग्री कहां से प्राप्त हुई और उसे किन लोगों के साथ साझा किया गया। साथ ही आरोप जांच में सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। नगर निगम की ओर से दुकान सील किए जाने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब प्रकरण में पुलिस और साइबर स्तर पर होने वाली जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। डिजिटल सामग्री की जांच से तस्वीरों और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के स्रोत तथा उनके प्रसार से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई के बाद दुकान बंद हो गई है। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगा। प्रशासनिक स्तर पर हुई इस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर किसी की तस्वीर या निजी सामग्री के कथित दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।