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अल्मोड़ा: जिस घर में चार महीने बाद बजने वाली थी शहनाई, वहां छाया मातम! वड्यूड़ा में भूस्खलन ने छीन लीं मां और दो बच्चों की जिंदगी

editor
  • Awaaz Desk
  • September 02, 2026 11:09 AM
Almora: Mourning descends on the home where wedding festivities were set to take place in four months; a landslide in Vadyuda claims the lives of a mother and her two children.

अल्मोड़ा। हवालबाग ब्लॉक के वड्यूड़ा गांव में आई प्राकृतिक आपदा ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। जिस घर में चार महीने बाद बेटी की शादी की तैयारियां होनी थीं, वहां बुधवार को एक साथ तीन अर्थियां उठीं। हादसे में प्रेमा देवी, उनकी बेटी कल्पना आर्या और बेटे मनीष की मौत हो गई। तीन अपनों को एक साथ खोने के बाद परिवार ही नहीं, पूरा गांव गहरे सदमे में है। पातलीबगड़ राममंदिर के पास ब्रह्मघाट गंऊधार में बुधवार को गमगीन माहौल के बीच तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। जिस परिवार में कुछ समय बाद शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अचानक मातम छा गया। हादसे से पहले परिवार बेटी की शादी को लेकर खुशियां संजो रहा था। घर में आने वाले दिनों को लेकर तैयारियों और उम्मीदों का माहौल था। लेकिन वड्यूड़ा में आई आपदा ने परिवार की पूरी तस्वीर बदल दी। हादसे में पत्नी और दोनों बच्चों को खो चुके राजेंद्र राम के लिए दिल्ली से अल्मोड़ा तक का सफर जिंदगी के सबसे कठिन सफरों में बदल गया। राजेंद्र राम ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां होनी थीं, वहीं लौटकर उन्हें अपने परिवार के तीन सदस्यों को अंतिम विदाई देनी पड़ेगी। बुधवार को नम आंखों से पत्नी और दोनों बच्चों को विदा किया गया तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा।

दादा की आंखों के सामने उजड़ गया परिवार
हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर उस 80 वर्षीय बुजुर्ग दादा की है, जो हादसे के समय बगल के कमरे में सो रहे थे। अचानक आई आपदा के बीच उनकी आंखों के सामने बहू, नाती और नातिन मलबे की चपेट में आ गए। उम्रदराज होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपने स्तर से मलबा हटाकर अपनों को बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन हालात इतने भयावह थे कि उनकी कोशिशें कामयाब नहीं हो सकीं। बुधवार को जब परिवार के तीन सदस्यों को अंतिम विदाई दी जा रही थी, तब बुजुर्ग दादा की आंखों के सामने हादसे का वह मंजर बार-बार घूमता रहा। अपनों को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।

जहां शहनाई की गूंज होनी थी, वहां पसरा सन्नाटा
कुछ ही समय पहले जिस घर में बेटी की शादी को लेकर सपने सजाए जा रहे थे, उसी घर में अब मातम पसरा है। परिवार की खुशियां एक झटके में गहरे दुख में बदल गईं। गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आए। गमगीन माहौल में राजेंद्र राम के छोटे भाई केदार ने अपनी भाभी प्रेमा देवी, भतीजे मनीष और भतीजी कल्पना आर्या को अंतिम विदाई दी। एक साथ तीन अपनों की विदाई ने पूरे माहौल को बेहद भावुक कर दिया।


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