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ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच भारत की नई एडवाइजरी,नागरिकों से फौरन ईरान छोड़ने की अपील

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 08, 2026 01:04 PM
Amid Iran-US Ceasefire, India Issues New Advisory; Urges Citizens to Leave Iran Immediately

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित सीजफायर (युद्धविराम) समझौते के बावजूद भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। बुधवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक ताजा एडवाइजरी जारी करते हुए वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि नागरिक अपनी मर्जी से किसी भी अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा (लैंड बॉर्डर) की ओर न जाएं, बल्कि केवल दूतावास द्वारा बताए गए सुरक्षित रास्तों का ही पालन करें।

भारतीय मिशन ने अपनी एडवाइजरी में हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा, "07 अप्रैल 2026 की एडवाइजरी के क्रम में, ईरान में मौजूद भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। सुरक्षा कारणों से बिना पूर्व सूचना और दूतावास की सलाह के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने का प्रयास न किया जाए।" दूतावास ने आपातकालीन स्थिति के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं ताकि निकासी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके। यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नियोजित हमलों पर दो सप्ताह की सशर्त रोक लगाने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है। ट्रंप ने अपनी तय डेडलाइन से महज 90 मिनट पहले यह घोषणा की, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं और अब ईरान के साथ 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। हालांकि, यह सीजफायर पूरी तरह 'होर्मुज स्ट्रेट' को खोलने की शर्त पर टिका है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने इस महत्वपूर्ण शिपिंग रूट को सुरक्षित और तुरंत नहीं खोला, तो हमलों में फिर से बढ़ोतरी की जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने भी युद्धविराम पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान पर हमले रुकते हैं, तो उनके सशस्त्र बल भी रक्षात्मक ऑपरेशन बंद कर देंगे। उन्होंने अगले दो हफ्तों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए तकनीकी बाधाओं को दूर करने और समन्वय करने का आश्वासन दिया है। भले ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव और अनिश्चितता को देखते हुए भारत सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। सूत्रों के अनुसार, युद्धविराम की शर्तों के टूटने के डर और भविष्य के संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए ही नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित क्षेत्रों या स्वदेश लौटने की सलाह दी गई है।
 


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