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ईरान युद्ध के बीच मोदी सरकार की बड़ी राहत: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती,आसमान छूती कीमतों पर लगा लगाम

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 27, 2026 12:03 PM
Amid the Iran war, the Modi government has issued a major relief: massive cuts in excise duty on petrol and diesel, curbing skyrocketing prices.

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में भारी कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखना और आम जनता को महंगाई की मार से बचाना है।

सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर मात्र 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य (0 रुपये) कर दिया गया है। इस कटौती के बाद अब पेट्रोल पर मात्र 3 रुपये एक्साइज ड्यूटी रह गई है, जबकि डीजल पूरी तरह एक्साइज मुक्त हो गया है। इस फैसले से तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे की भरपाई होगी और खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस जानकारी को साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुके हैं, जो हाल ही में 119 डॉलर के उच्चतम स्तर को छू गए थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था। सरकार ने अपने कर राजस्व की कुर्बानी देकर इस घाटे को कम करने का प्रयास किया है। साथ ही, घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट टैक्स भी लगा दिया है, ताकि रिफाइनरियां मुनाफे के चक्कर में देश के बजाय विदेश में तेल न बेचें। युद्ध की खबरों के बीच देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ और 'नो स्टॉक' के बोर्ड पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इंडियन ऑयल (IOC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमाखोरी की अफवाहों पर ध्यान न दें। कच्चे तेल की कीमतों में 28 फरवरी से अब तक करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसी दबाव के चलते निजी क्षेत्र की कंपनी 'नायरा एनर्जी' ने अपने 6,967 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। हालांकि, सरकारी कंपनियों द्वारा कीमतें स्थिर रखने और एक्साइज ड्यूटी घटने से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
 


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