भारत-पाक बॉर्डर पर गरजे अमित शाह: 1965 और 71 के युद्ध की गवाह 'सांचू पोस्ट' पर जवानों का बढ़ाया हौसला,महिला बैरकों का भी किया ई-लोकार्पण
बीकानेर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की ऐतिहासिक 'सांचू पोस्ट' का दौरा किया। मरुभूमि की भीषण गर्मी के बीच सीमा पर पहुंचे गृह मंत्री ने अग्रिम मोर्चे पर डटे जांबाज प्रहरियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा में बीएसएफ के जवानों की वीरता, अटूट अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान की जमकर सराहना की। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने अग्रिम चौकी पर तैनात जवानों से सीधा संवाद किया और उनके साथ जलपान कर उनका मनोबल ऊंचा किया।
बॉर्डर पर देश की रक्षा में तैनात महिला प्रहरियों को बड़ी सौगात देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया। माना जा रहा है कि इस आधुनिक बुनियादी ढांचे से सीमा पर कठिन परिस्थितियों में तैनात महिला जवानों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुगमता में भारी वृद्धि होगी। सांचू पोस्ट पहुंचने पर अमित शाह ने सबसे पहले सुप्रसिद्ध सांचू माता मंदिर में शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि व सुरक्षा की कामना की। इसके बाद उन्होंने प्रहरी शस्त्र गैलरी का बारीकी से अवलोकन किया, जहां उन्हें बीएसएफ की आधुनिक हथियार प्रणाली और तकनीकों की जानकारी दी गई। उन्होंने सीमा पर निगरानी के लिए इस्तेमाल हो रही ड्रोन तकनीक के संचालन को देखा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में पौधारोपण भी किया। सांचू पोस्ट केवल एक सीमा चौकी नहीं, बल्कि भारतीय सेना और बीएसएफ के शौर्य और रणनीतिक कौशल का जीता-जागता प्रतीक है। यह पोस्ट 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों की ऐतिहासिक गवाह रही है। इस युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सांचू पोस्ट पर कब्जा कर लिया था। तब थर्ड आरएसी और 13 ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जांबाज सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों और भारी गोलाबारी के बीच जवाबी हमला कर दुश्मन खदेड़ा और पोस्ट पर दोबारा तिरंगा फहराया। इस ऐतिहासिक युद्ध में सांचू पोस्ट को भारतीय सेना ने मुख्य ऑपरेशनल बेस बनाया। इसी पोस्ट को आधार बनाकर हमारे वीर जवानों ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर उसकी तीन प्रमुख चौकियों रनिहाल, बीजनोठ और रुकनपुर पर कब्जा कर दुश्मन की कमर तोड़ दी थी। अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वापस बीकानेर पहुंचे। बीकानेर स्थित बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय में वे भारत-पाक सीमा से सटे राजस्थान के 5 सीमावर्ती जिलों के जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीमा पार (पाकिस्तान) से होने वाली ड्रोन गतिविधियों, हथियारों व मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी को रोकने, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के अभेद्य इंतजामों को लेकर कड़े रोडमैप पर चर्चा होने की पूरी संभावना है। बैठक में बीएसएफ के आला अधिकारी और प्रशासनिक तंत्र के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।