अंकिता हत्याकाण्डः एक्शन में धामी सरकार, पार्टी से बाहर हुए पिता-पुत्र! ओबीसी आयोग उपाध्यक्ष से निष्कासित हुआ बड़ा भाई अंकित
देहरादून। अंकिता हत्याकाण्ड को लेकर जहां लोगों में खासा रोष देखने को मिल रहा है वहीं शासन-प्रशासन स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। देर रात जहां आरोपी के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाया गया वहीं अब भाजपा ने आरोपी पुलकित आर्य के बड़े भाई अंकित आर्य को पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। इसको लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही अंकित और उनके पिता को पार्टी से भी निकाल दिया गया है। पुलकित आर्य के इस जघन्य वारदात में शामिल होने की घटना सामने आने के बाद हरिद्वार निवासी उसके परिवार का सियासी दखल चर्चाओं में आ गया था। पुलकित के पिता विनोद आर्य, पूर्व में दर्जाधारी रह चुके हैं जबकि उसका बड़ा भाई अंकित ओबीसी आयोग में उपाध्यक्ष था। अंकित की नियुक्ति इसी साल चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक एक दिन पहले सात जनवरी को की गई थी लेकिन इस मामले में पुलकित आर्य की भूमिका सामने आने के बाद सरकार और संगठन पर कार्यवाही का दबाव बढ़ गया था। इसी क्रम में सरकार ने अंकित आर्य को तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया है। इसी के साथ भाजपा ने भी अंकित आर्य और विनोद आर्य को पार्टी से निकाल दिया है। उधर आज एम्स ऋषिकेश में अंकिता का पोस्टमार्टम किया गया। एम्स के बाहर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित थे। एम्स पहुंची भाजपा विधायक रेनू बिष्ट को प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गाड़ी के शीशे तोड़ डाले। पुलिस ने बमुश्किल प्रदर्शनकारियों के बीच में से विधायक बिष्ट को निकाला।