नीट की भेंट चढ़ा एक और सपना: पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के तनाव में छात्र ने की खुदकुशी, घर में फंदे से लटका मिला शव,जांच शुरू
लखीमपुर खीरी। देश में नीट परीक्षा को लेकर मचे घमासान और पेपर लीक की खबरों ने एक और होनहार छात्र की जान ले ली है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 22 वर्षीय छात्र रितिक मिश्रा ने परीक्षा रद्द होने और भविष्य की अनिश्चितता से उपजे तनाव के चलते बृहस्पतिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रितिक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और इस बार उसे डॉक्टर बनने के अपने सपने के पूरा होने की पूरी उम्मीद थी।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के नौरंगाबाद की है। रितिक का परिवार वर्तमान में पैतृक गांव कटौली में रहता है, लेकिन पढ़ाई के सिलसिले में रितिक अक्सर शहर वाले पुराने मकान पर आता रहता था। बुधवार को वह गांव से शहर आया था। बृहस्पतिवार सुबह जब 10:30 बजे तक रितिक के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो वहां रह रहे किरायेदारों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पर पहुंचे पिता अनूप मिश्रा ने जब कमरे का ताला तोड़ा, तो अंदर बेटे का शव फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतक के पिता अनूप मिश्रा ने बताया कि रितिक ने 3 मई को कानपुर में तीसरी बार नीट की परीक्षा दी थी। इससे पहले वह दो बार असफल रहा था, लेकिन इस बार उसने दिन-रात एक कर दी थी। वह अपनी तैयारी से बहुत संतुष्ट था और उसे यकीन था कि इस साल उसका चयन मेडिकल कॉलेज में हो जाएगा। रितिक के मन में डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करने का जुनून था। परिजनों के अनुसार, परीक्षा देने के बाद से ही जब मीडिया और सोशल मीडिया पर पेपर लीक और परीक्षा में धांधली की खबरें आने लगीं, तो रितिक गहरे तनाव में चला गया। परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं ने उसे तोड़ दिया था। उसे डर था कि उसकी सालों की मेहनत सिस्टम की भेंट चढ़ जाएगी। इसी मानसिक अवसाद और भविष्य के अंधकार ने उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। रितिक की मौत की खबर फैलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बदहवास मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ी बहन की शादी दो साल पहले हो चुकी है, जिसके बाद रितिक ही माता-पिता का एकमात्र सहारा था। पड़ोसियों ने बताया कि रितिक बहुत ही शांत और मिलनसार स्वभाव का था। वह अपनी पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर रहता था। सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा, "मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी। उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर उस कड़वे सच को उजागर करती है कि परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियां केवल व्यवस्था का फेलियर नहीं हैं, बल्कि ये उन हजारों युवाओं की मानसिक सेहत और जीवन के साथ खिलवाड़ हैं जो वर्षों तक एक सपने के लिए संघर्ष करते हैं।