हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़:जम्मू-कश्मीर तक सप्लाई, आतंकी कनेक्शन की आशंका, दो शातिर गिरफ्तार
उत्तराखंड पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने सितारगंज में एक बड़े अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। चेकिंग के दौरान दो शातिर हथियार तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और सैकड़ों जिंदा-खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह जम्मू-कश्मीर तक हथियार सप्लाई करता था, जिससे आतंकी कनेक्शन की भी संभावना जताई जा रही है।
ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने प्रेसवार्ता कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसओजी रुद्रपुर और सितारगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने सितारगंज कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। दौरान बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया। आरोपी भागने लगे, लेकिन कच्चे रास्ते में गाड़ी फंस जाने के कारण पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को 2 पोनिया 12 बोर राइफल, 1 रिवॉल्वर, 2 तमंचे, 344 कारतूस (जिंदा व खोखा) और बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कार बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी (27 वर्ष, निवासी बिरिया फार्म सिसैया) और निखिल वर्मा उर्फ रानू (27 वर्ष, निवासी केशव नगर सितारगंज) हैं। दोनों पर पहले से ही 5-5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे चोरगलिया जंगल में हथियार छुपाने जा रहे थे। वे अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वे जम्मू-कश्मीर के वाहिद/वाजिद समेत अन्य व्यक्तियों को हथियार भेजते थे। पुल भट्टा निवासी इंद्रजीत संधू और पवन संधू के माध्यम से यह पूरा नेटवर्क संचालित होता था। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि अब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। अन्य सहयोगियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अवैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।