खाई में गिरा सेना का ट्रक, मसीहा बने पहाड़ के युवा,एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना जवानों को अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में सेना के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल जवानों में से एक की नाजुक हालत को देखते हुए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें तत्काल हायर सेंटर एयरलिफ्ट किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सिग्नल कंपनी (ज्योतिर्मठ) में तैनात दो जवान अपने वाहन से जा रहे थे, तभी गोपेश्वर-चोपता मार्ग पर वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त स्थानीय युवाओं ने अदम्य साहस का परिचय दिया। स्थानीय निवासी प्रदीप रमोला, राहुल और अजय पंवार ने बिना समय गंवाए गहरी खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। इन युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों लहूलुहान जवानों को खाई से बाहर निकाला और एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपने निजी वाहन से जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया। उनकी इस तत्परता की वजह से जवानों को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सका।अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, घायल जवानों की पहचान 29 वर्षीय जांबाज सिंह (निवासी भिवानी, हरियाणा) और 28 वर्षीय धवन सिंह के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में जांबाज सिंह के सिर पर हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। हालांकि, धवन सिंह के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल पहुंचने तक धवन सिंह बेहोशी की हालत में थे। धवन सिंह, जो अग्निवीर के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं, उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने त्वरित निर्णय लिया। सेना के विशेष हेलीकॉप्टर को गोपेश्वर बुलाया गया और घायल जवान को उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) के लिए एयरलिफ्ट किया गया। सेना और प्रशासन इस समय घायल जवानों के परिवारों के संपर्क में हैं और श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हैं। सीमांत क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच देश की रक्षा में जुटे इन जवानों के इस हादसे ने क्षेत्रवासियों को भावुक कर दिया है। स्थानीय युवाओं द्वारा दिखाई गई वीरता की चमोली पुलिस और प्रशासन ने भी सराहना की है।