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एशियन गेम्स 2026: वित्या रामराज ने रचा इतिहास, पीटी ऊषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर जीता ब्रॉन्ज़ मेडल

editor
  • Tapas Vishwas
  • September 28, 2026 12:09 PM
Asian Games 2026: Vithya Ramraj makes history, wins bronze medal by breaking PT Usha's 42-year-old record.

भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सोमवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार एथलीट वित्या रामराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) में न केवल कांस्य पदक (ब्रॉन्ज़ मेडल) अपने नाम किया, बल्कि भारत की 'उड़न परी' पीटी ऊषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया। 28 वर्षीय वित्या ने 54.75 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया और पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।

भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सोमवार का दिन खास बन गया। वित्या रामराज ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतने के साथ पीटी ऊषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। वित्या ने 54.75 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। उनके प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स में एक लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया अध्याय जोड़ दिया। 28 वर्षीय वित्या ने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 400 मीटर हर्डल रेस पूरी करने में 54.75 सेकंड का समय लिया और कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पीटी ऊषा ने 55.42 सेकंड का समय दर्ज किया था। यह रिकॉर्ड करीब चार दशक से भारतीय महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कायम था। वित्या इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहले ही पहुंच चुकी थीं। 2023 एशियन गेम्स में उन्होंने 55.42 सेकंड का समय निकालकर पीटी ऊषा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। हालांकि रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें करीब तीन साल और इंतजार करना पड़ा। सोमवार को उन्होंने 54.75 सेकंड के समय के साथ आखिरकार नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वित्या रामराज का एशियन गेम्स में यह लगातार दूसरा कांस्य पदक है। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इस तरह उन्होंने लगातार दो एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में पदक हासिल किया है। 2026 एशियन गेम्स में यह वित्या का दूसरा पदक भी है। इससे पहले वह मिश्रित 4x100 मीटर रिले टीम का हिस्सा रहते हुए रजत पदक जीत चुकी हैं। इस तरह एक ही एशियन गेम्स में उनके नाम अब रजत और कांस्य, दोनों पदक हो गए हैं। महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ का स्वर्ण पदक यूएई की मरियम करीब ने जीता। उन्होंने 54.31 सेकंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। कजाखस्तान की एडलीना जेम्स ने 54.58 सेकंड में रेस पूरी करते हुए रजत पदक हासिल किया। वित्या 54.75 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह स्वर्ण और कांस्य पदक के बीच अंतर महज 0.44 सेकंड रहा। रेस में भारतीय धाविका अनु राघवन भी मैदान में थीं। उन्होंने 55.88 सेकंड का समय निकालकर पांचवां स्थान हासिल किया। वित्या की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पीटी ऊषा भारतीय एथलेटिक्स की सबसे चर्चित धाविकाओं में रही हैं और उनका 55.42 सेकंड का प्रदर्शन लंबे समय तक राष्ट्रीय मानक बना रहा। वित्या ने पहले इस समय की बराबरी की और अब उसे पीछे छोड़ते हुए भारतीय महिला 400 मीटर बाधा दौड़ का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। एशियन गेम्स में कांस्य पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ वित्या रामराज ने अपने अभियान को यादगार बना दिया है। उनका प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स में रिकॉर्डों के बदलते दौर और नई पीढ़ी की धाविकाओं के उभरते स्तर को भी सामने लाता है।


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