एशियन गेम्सः घुड़सवारी टीम ने 41 साल बाद किया बड़ा कमाल! भारत को मिला तीसरा गोल्ड, अबतक मिल चुके हैं 14 मेडल
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2023 में मंगलवार को भारत ने तीसरा गोल्ड मेडल जीता है। खास बात यह है कि घुड़सवारी टीम ने 41 साल बाद इस खेल में गोल्ड दिलाया। भारत की ओर से सुदीप्ति हजेला, दिव्यकृति सिंह, हृदय छेड और अनुश अग्रवाल की चौकड़ी ने कमाल किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 1982 एशियन गेम्स के बाद पहली बार घुड़सवारी में भारत को मेडल मिला था। एशियन गेम्स में अब तक भारत को 14 मेडल मिल चुके हैं। इसमें 3 गोल्ड के अलावा 4 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इससे पहले नेहा ठाकुर ने सेलिंग में सिल्वर जबकि इबाद अली ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
इससे पहले 2 गोल्ड शूटिंग और महिला क्रिकेट में मिले थे। महिला क्रिकेट टीम पहली बार गेम्स में उतरी और गोल्ड पर कब्जा किया। दिव्यकीर्ति सिंह, हृदय छेड और अनुश अग्रवाल (एट्रो) ने कुल 209-205 प्रतिशत अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। सुदीप्ति हजेला भी टीम का हिस्सा थी लेकिन सिर्फ शीर्ष तीन खिलाड़ियों के स्कोर गिने जाते हैं। चीन की टीम 204-882 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही जबकि हांगकांग ने 204-852 प्रतिशत अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।वहीं 17 साल की नेहा ठाकुर ने गेम्स के तीसरे दिन लड़कियों की डिंगी आईएलसीए-4 स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। सेलिंग में मेंस के विंडसर्फर आरएस एक्स वर्ग में 52 के नेट स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
अली को 14 रेस की स्पर्धा के दूसरे और तीसरे रेस को पूरा नहीं करने का खामियाजा भुगतना पड़ा। इससे उनके कुल 59 अंक में से सात अंक घटा दिए गए। वह सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी से 23 अंक पीछे रहे। इससे पहले ‘नेशनल सेलिंग स्कूल’ भोपाल की एक उभरती हुई खिलाड़ी नेहा का अभियान कुल 32 अंक के साथ खत्म हुआ। उनका नेट स्कोर हालांकि 27 अंक रहा, जिससे वह थाईलैंड की स्वर्ण पदक विजेता नोपासोर्न खुनबूनजान के बाद दूसरे स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा का कांस्य सिंगापुर की कीरा मैरी कार्लाइल के नाम रहा, जिनका नेट स्कोर 28 था।