आय से 200% अधिक संपत्ति: एक्साइज इंस्पेक्टर के 5 ठिकानों पर ईओयू की महाछापेमारी,पटना, मुंगेर और सिवान में एक साथ रेड से हड़कंप
पटना। बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई का महाअभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को ईओयू ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवान में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकंजा कसा है। भ्रष्टाचार के इस बड़े खेल का पर्दाफाश करने के लिए ईओयू की अलग-अलग विशेष टीमों ने पटना, मुंगेर और सिवान में स्थित उनके पाँच ठिकानों पर एक साथ तड़के छापेमारी (रेड) शुरू की। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
आर्थिक अपराध इकाई को अपने विश्वस्त सूत्रों से उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की ठोस सूचना मिली थी। गुप्त सत्यापन के बाद ईओयू ने पाया कि आरोपों में पूरी सच्चाई है। जांच एजेंसी के अनुसार, अंकेश कुमार गोंड़ ने अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से करीब 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये अधिक की चल-अचल संपत्ति बनाई है। यह राशि उनकी वैध आय की तुलना में 201.97 प्रतिशत अधिक है। प्राथमिक जांच में भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईओयू थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से सर्च वारंट हासिल करने के बाद, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में ईओयू की टीमों ने गुरुवार सुबह अंकेश गोंड़ के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। जांच एजेंसी की टीमें मुख्य रूप से इन 5 ठिकानों को खंगाल रही हैं। दानापुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर स्थित निजी आवास। कासिम बाजार थाना क्षेत्र के चंदनबाग स्थित पैतृक आवास। लल्लूपोखर स्थित एक बड़ा व्यावसायिक भवन। शहर में स्थित उत्पाद विभाग (एक्साइज डिपार्टमेंट) का आधिकारिक कार्यालय कक्ष। नगर थाना क्षेत्र के चित्रगुप्त नगर में रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे स्थित किराये का आलीशान मकान। सभी ठिकानों पर ईओयू के अधिकारी पूरी मुस्तैदी से जमे हुए हैं। छापेमारी के दौरान जमीन-मकान के डीड (अचल संपत्ति के कागजात), कीमती चल संपत्तियों के बिल, विभिन्न बैंकों के खाते, पासबुक, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर-म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जा रहे हैं। अधिकारियों की तकनीकी टीम वित्तीय लेन-देन और बैंक ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड का मिलान करने में जुटी है ताकि काली कमाई के सटीक आंकड़ों का पता लगाया जा सके। आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तलाशी अभियान फिलहाल जारी है। उन्होंने कहा, "छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों, संपत्तियों और अन्य कीमती सामानों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।