पैरेंट्स ध्यान दें! फ़्री फायर की लगी ऐसी लत कि बच्चों ने माँ का सोने का हार,पापा की सोने के चेन और 20 हज़ार रुपये चुराए,कई बच्चे कर चुके है आत्महत्या
बच्चों में ऑनलाइन गेम के साइड इफेक्ट बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर में सामने आया है, जहां फ्री फायर गेम की लत के चलते 2 बच्चों ने अपने ही घर में चोरी कर ली। इनमें से एक बच्चे ने अपनी मां का सोने का हार और पिता की सोने की चेन चुरा ली। उसका इन गहनों को बेचने का भी प्लान था, हालांकि इससे पहले ही उसकी चोरी पकड़ी गई। इन नाबालिगों की उम्र 16 और 12 साल है। मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए इन दोनों ने अपने ही घर से 20 हज़ार रुपये भी चुरा लिए। परिजनों को जब तक पता चला तब तक वह मोबाइल में 14 हज़ार रुपये का रिचार्ज करा चुके थे।
ये मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर में बुंदेलखंड गैरेज के पीछे का है जहाँ ये दोनों बच्चे पड़ोस में ही रहते हैं। दोनों में अच्छी खासी दोस्ती भी है, कोरोना काल के दौरान दोनों बच्चे साथ में ऑनलाइन क्लास भी ज्वाइन करते थे। ऑन क्लास के लिए मिले मोबाइल पर दोनों बच्चों ने फ्री फायर गेम खेलना शुरू कर दिया, दोनों को ऑनलाइन गेम की ऐसी लत लगी कि रिचार्ज कराने के लिए इन दोनों बच्चों ने अपने घर से रुपए चुराने शुरू कर दिए। घर में लगातार हो रही चोरियों के बाद परिवार वालों ने पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद जांच में बच्चों की चोरी का खुलासा हुआ। रिकॉर्डिंग से पता चला कि रुपए उनके बच्चे ही चोरी कर रहे थे। 12 साल के लड़के ने सितंबर 2021 में अपने घर से अपनी ही मां का 4 तोले का सोने का हार और पापा की सोने की चेन चुराई। दोनों अपने-अपने घरों से अब तक 20 हज़ार रुपये से ज्यादा चुरा चुके हैं। सिटी कोतवाल अनूप यादव ने इस मामले में मीडिया से कहा कि बच्चों को समझाने के बाद पेरेंट्स को मोबाइल बैलेंस में खर्च होने के बाद बची रकम दिलवा दी गई है। जो बच्चे ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं, पैरंट्स को चाहिए कि ऐसे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें पेरेंट्स को बच्चों के साथ समय बिताने की जरूरत है।
आपको बता दें कि फ्री फायर गेम में 10 मिनट का गेम होता है यूजर्स को नए नए हथियार खरीदने का मौका मिलता है, फ्री फायर को दोस्तों के साथ मिलकर खेला जा सकता है। फ्री फायर को बच्चे और युवा बहुत पसंद करते हैं। गेम खेलने और गेम के लेवल को अपग्रेड करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं।
बच्चों को ऑनलाइन गेम खेलने की लत से बचाने के लिए कुछ कंपनियों ने पैरेंटल कंट्रोल एप जारी कर रखे हैं। इस ऐप को प्ले स्टोर से खरीदा जा सकता है, इसे खरीदने से पहले अच्छे से पड़ताल कर लें। पेरेंट्स को भी बच्चों के लिए गेम खेलने का समय निश्चित करना चाहिए आधे घंटे से अधिक गेम ना खेलने दे।
गौरतलब है कि इससे पहले 30 जुलाई 2020 को मध्य प्रदेश के छतरपुर में सागर रोड निवासी 13 साल के बच्चे ने फ्री फायर गेम में 40 हज़ार हारने के बाद डिप्रेशन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ऐसे ही ऑनलाइन गेम की लत के चलते 13 जनवरी 2022 को भोपाल में 11 साल के बच्चे ने फांसी लगा ली थी।