ऑडी कार,नोट गिनने की मशीन और 15 लाख का दोमुंहा सांप: सहारनपुर में शातिर तस्कर आस मोहम्मद गिरफ्तार, फर्जी आईडी से करता था करोड़ों की ठगी
उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर और हाईटेक ठग को गिरफ्तार किया है, जिसकी अपराध करने की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। कुतुबशेर थाना पुलिस ने दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ) के नाम पर लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी आस मोहम्मद को दबोच लिया है। यह शातिर तस्कर फर्जी पहचान पत्र के सहारे लोगों को अपनी जाल में फंसाता था और खुद को करोड़ों का कारोबारी दिखाने के लिए ऑडी कार से चलता था और नोट गिनने की मशीन साथ रखता था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। आरोपी आस मोहम्मद ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित दोमुंहे सांपों की तस्करी और उनके नाम पर ठगी का धंधा करता था। हाल ही में वह और उसके साथी एक दोमुंहा सांप 15 लाख रुपये में बेचकर लौटे थे। सौदे की रकम में से उसके दो साथी पांच-पांच लाख रुपये लेकर फरार हो गए, जबकि खर्च काटने के बाद आस मोहम्मद के हिस्से में आए 4.94 लाख रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने कुबूल किया कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए 'आशु गोयल' के नाम से फर्जी पहचान पत्र बनवा रखा था। वह अलग-अलग नाम और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अमीर लोगों से संपर्क साधता था। लोगों को प्रभावित करने के लिए वह अपने पास ऑडी कार, नोट गिनने की मशीन और बैग में 'मनोरंजन बैंक' के बच्चों वाले नकली नोट तथा सफेद कागजों की गड्डियां रखता था। वह शिकार को यह भरोसा दिलाता था कि उसका करोड़ों का टर्नओवर है। इसके बाद वह दोमुंहे सांपों को चमत्कारी और औषधीय गुणों वाला बताकर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों में होने का लालच देता था और लोगों को लाखों का चूना लगा देता था। सहारनपुर पुलिस के मुताबिक, बरामद किया गया 'रेड सैंड बोआ' वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक बेहद संरक्षित प्रजाति है, जिसकी खरीद-फरोख्त या तस्करी पूरी तरह से प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। पुलिस अब आरोपी के फरार साथियों की तलाश में सरसावा थाना क्षेत्र और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि वन्यजीवों की तस्करी और इस जालसाजी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। जिस सेंटर से तस्कर ने फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाए थे, वह भी अब पुलिस के रडार पर है और उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।