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अयोध्याः पूर्व पार्षद सहित 17 लोगों पर धोखाधड़ी और मकान हड़पने का गंभीर आरोप! मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

editor
  • Sandeep Shrivastav
  • March 17, 2026 09:03 AM
Ayodhya: 17 people, including a former councilor, face serious charges of fraud and house grabbing! The Chief Judicial Magistrate's court has ordered the registration of an FIR.

अयोध्या। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूर्व पार्षद मुरारी सिंह यादव सहित 17 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और मकान हड़पने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश जमीन की हेराफेरी कर फर्जी बैनामा कराने और दूसरे के मकान पर कब्जा करने के आरोप में दिया गया है। कोर्ट ने कोतवाली नगर पुलिस को तीन दिन के भीतर ही रिपोर्ट दर्ज कर सूचित करने का निर्देश भी दिया है। पीड़िता मनोरमा सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मुरारी सिंह यादव सहित 17 लोगों पर कूटरचित दस्तावेज बनाने और फर्जी बैनामा के आधार पर उनका मकान हड़पने का गंभीर आरोप लगाया था। मनोरमा सिंह नाका हनुमानगढ़ी कोतवाली नगर की निवासी हैं। मनोरमा सिंह ने बताया कि  उनके पति राजकुमार सिंह ने सन् 1963 में किसुन लाल से जमीन का बैनामा लिया था। पति की मृत्यु के बाद से वह अपने परिवार के साथ उसी मकान में रह रही हैं। 30 जुलाई 2025 को उनके मकान पर कब्जा करने का भी प्रयास किया गया, जिसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। जानकारी मिली कि दूसरे स्थान की जमीन को उनके मकान की चौहद्दी दिखाकर फर्जी बैनामा कराया गया था।

पीड़िता मनोरमा सिंह ने पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई न होने पर उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद यह आदेश पारित किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया है कि आरोपियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर एक ऐसी जमीन का बैनामा कराया गया, जिसकी चौहद्दी उनके मकान से संबंधित नहीं थी। इस फर्जीवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके पैतृक आवास पर अवैध कब्जा करना था। पूर्व पार्षद मुरारी सिंह यादव के साथ विजय प्रताप सिंह, नीलू, मीनू सिंह, हेमंत कुमार, सुदामा सिंह, सुमित कुमार, इंद्र कुमार, किरन देवी, शंकर लाल, आनंद प्रताप, जय सिंह, विनीता, संदीप और नीरज सहित कुल 17 लोग इस मामले में आरोपी हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय ने कोतवाली नगर पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पुलिस को आदेश दिया गया है कि वह तीन दिन के भीतर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करे। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अदालत को इसकी सूचना देना भी अनिवार्य है। यह आदेश पीड़िता की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद दिया गया है, जिसमें धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।


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