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अयोध्याः नगर निगम में सफाई फर्म को लेकर बढ़ा विवाद! कुछ पार्षद ब्लैकलिस्टिंग पर अड़े, कई भाजपा पार्षदों ने कहा- कर्मचारियों की नहीं, निजी हितों की लड़ाई बन गया है धरना-प्रदर्शन

editor
  • Sandeep Shrivastav
  • June 05, 2026 05:06 AM
Ayodhya: The controversy surrounding the municipal corporation's cleaning firm escalates! Some councillors insist on blacklisting them, while several BJP councillors say the protests have become a battle for personal interests, not for employees.

अयोध्या। नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के बीच फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने की मांग पर भाजपा पार्षदों में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कई भाजपा पार्षदों ने स्वयं को आंदोलन और धरने से अलग कर लिया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों का वेतन अप्रैल 2026 तक दिया जा चुका है और केवल मई माह का वेतन भुगतान शेष है। ऐसे में आंदोलन को जारी रखने का औचित्य नहीं बनता। सूत्रों के अनुसार संबंधित फर्म को पिछले सात माह से नगर निगम की ओर से भुगतान नहीं मिला है। इसके बावजूद फर्म द्वारा कर्मचारियों को वेतन दिया जाता रहा है। अब फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग मुख्य रूप से पार्षद अंकित त्रिपाठी और अनिकेत यादव तक सीमित बताई जा रही है। दोनों पार्षदों और कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि महापौर और अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि कर्मचारियों का वेतन कम है और उसमें बढ़ोतरी की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर कई पार्षद इस मुद्दे को अलग नजरिए से देख रहे हैं। पार्षद प्रतिनिधि अभय श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए धरना कर रहे हैं और फर्म पर दबाव बनाकर उसे ब्लैकलिस्ट कराना चाहते हैं। उनका कहना है कि नगर निगम ने फर्म के कार्य को लिखित रूप से संतोषजनक बताया है, इसलिए ब्लैकलिस्ट करने का कोई ठोस आधार नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि रिशु पाण्डेय ने भी धरने से दूरी बनाते हुए कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है और प्राथमिकता वार्डों में बेहतर सफाई व कर्मचारियों को नियमित वेतन मिलना होना चाहिए। वहीं पार्षद अनुज दास ने धरने और हड़ताल को गलत बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बनाने पर आपत्ति जताई। सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ लोग धरने की आड़ में अपने समर्थकों और ड्राइवरों सहित अपनों को समायोजित कराकर फर्म से वेतन दिलाना चाहते हैं।


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