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अयोध्याः जॉइनिंग की तैयारी के पहले ही आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि के कुलपति पद पर लगा ग्रहण! निरस्त हुई नियुक्ति

editor
  • Sandeep Shrivastav
  • March 07, 2026 10:03 AM
Ayodhya: The Vice Chancellor of Acharya Narendra Dev Agriculture University has been eclipsed even before he could join the university! His appointment has been cancelled.

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय का नया कुलपति नामित किए जाने के बाद डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह कार्यभार ग्रहण करने की तैयारी कर ही  रहे थे, कि अचानक उस पद पर ग्रहण लग गया। होली पर्व के पहले यानि 3 मार्च को उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई। कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुलपति पद की नियुक्ति को निरस्त कर दिया। हालांकि यह एक चौका देने वाली बात है की कुछ दिन पहले ही नियुक्ति की जाती है और उसके बाद कुलपति की नियुक्ति को निरस्त कर दिया जाता है। कुलाधिपति की इस कार्रवाई ने कृषि शिक्षा क्षेत्र में सरगर्मी बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञ व विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों में इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। नामित कुलपति ने कार्यभार ग्रहण करने के लिए 31 मार्च तक का समय मांगा था, लेकिन तब तक राजभवन ने उनकी नियुक्ति के निरस्तीकरण से संबंधित पत्र जारी कर दिया। हालांकि इस मामले को लेकर जब डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। नेशनल एवं इंटरनेशनल अवार्ड से सम्मानित डॉ. ज्ञानेंद्र व्हीट मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात हैं। उन्होंने गेहूं की 64 प्रजातियां विकसित की हैं। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 10 फरवरी को अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान के राष्ट्रीय पादप अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक डॉक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया था। उनकी तैनाती 3 वर्ष के लिए की गई थी। इस बीच डॉक्टर सिंह ने आईसीएआर से रिलीव होने की प्रक्रिया आरंभ की, जिसमें उन्हें 28 फरवरी को सफलता मिली और रिलीज हो गए। इसके बाद डॉक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ने अपनी मातृ संस्था भारतीय कृषि अनुसंधान कार्यालय जाकर कार्यभार ग्रहण किया था, जहां से उन्हें 31 मार्च को सेवानिवृत्ति होना है। डॉक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ने 26 फरवरी को कुलाधिपति को पत्र भेज कार्यभार ग्रहण करने के लिए 31 मार्च का समय मांगा। जिसपर राज भवन से उन्हें 1 मार्च तक कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश मिला। सूत्रों के मुताबिक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह कुलाधिपति के समक्ष प्रत्यावेदन देने की तैयारी कर रहे हैं उनके हाईकोर्ट जाने की भी अटकलें हैं।



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